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गिरिराज सिंह ने 'गोल्डन फाइबर' को आत्मनिर्भर भारत का मजबूत धागा बताया

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नेशनल जूट बोर्ड एवं जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस कार्यक्रम में जूट उद्योग की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न जूट उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उद्योग से जुड़े नवाचारों को नजदीक से देखा।
गिरिराज सिंह ने 'गोल्डन फाइबर' को आत्मनिर्भर भारत का मजबूत धागा बताया

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नेशनल जूट बोर्ड एवं जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस कार्यक्रम में जूट उद्योग की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न जूट उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उद्योग से जुड़े नवाचारों को नजदीक से देखा।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जूट क्षेत्र में नवाचार, वैल्यू एडिशन और बाजार विस्तार के माध्यम से किसानों, कारीगरों और उद्योग को नई दिशा मिल रही है। 'गोल्डन फाइबर' आत्मनिर्भर भारत और हरित अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दे रहा है।"

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा जूट उत्पादक देश है। 'गोल्डन फाइबर' आज प्लास्टिक का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बनकर वैश्विक पहचान बना रहा है। यह क्षेत्र लगभग 40 लाख किसान परिवारों और लाखों श्रमिकों की आजीविका से जुड़ा है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है।

गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘5एफ’ विजन (फार्म से फाइबर तक, फाइबर से फैक्टरी तक, फैक्टरी से फैशन तक, फैशन से फॉरेन तक) का जिक्र करते हुए कहा कि जूट सेक्टर ‘खेत से बाजार’ तक मूल्य श्रृंखला को सशक्त कर आत्मनिर्भर भारत और हरित अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, इस 'गोल्डन फाइबर' को आधुनिक भारत की प्रगति का मजबूत धागा बनाएं।

पत्रकारों से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने देश के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में अभी बड़ी टेक्सटाइल यूनिट्स की कमी है। बंगाल में कुछ यूनिट्स थीं, लेकिन ममता बनर्जी की नीतियों के कारण वे वहां से चली गईं।"

--आईएएनएस

एससीएच

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