घुसपैठियों की पहचान और वापसी जरूरी, श्रीलंका की मदद से बढ़ी भारत की साख: संजय निरुपम
मुंबई, 30 मार्च (आईएएनएस)। शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने गैर-कानूनी इमिग्रेशन के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सख्त रुख का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट के समय में भारत ने एक जिम्मेदार “बड़े भाई” की भूमिका निभाई है, खासकर पड़ोसी देशों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए।
संजय निरुपम ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जब देश में एलपीजी सप्लाई पर दबाव बना हुआ है, ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी ने पड़ोसी देश श्रीलंका की मदद कर मानवता और कूटनीति का उदाहरण पेश किया है।
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण श्रीलंका में ईंधन की भारी कमी हो गई थी, जिसे दूर करने के लिए भारत ने ईंधन आपूर्ति की। इस कदम की सराहना खुद श्रीलंका सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने की है और भारत सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने इसे भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और क्षेत्रीय सहयोग की भावना का प्रतीक बताया।
निरुपम ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। उनका कहना था कि इस संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिसे लेकर भारत सरकार सतर्क है और आवश्यक कदम उठा रही है।
उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संकट के समय में पार्टी अफवाहें फैलाकर जनता में डर का माहौल बना रही है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह इस संवेदनशील समय में राजनीति से ऊपर उठकर देश और सरकार का साथ दे तथा सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत करे, न कि लोगों में घबराहट पैदा करे।
गैर-कानूनी घुसपैठ के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए संजय निरुपम ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का यह रुख बिल्कुल सही है कि केवल घुसपैठ रोकना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजना भी जरूरी है। उनका मानना है कि इससे देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी और नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
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