गाजियाबाद में महिला पुलिसकर्मियों ने निकाली तिरंगा स्कूटर रैली, सुरक्षा का दिया संदेश
गाजियाबाद, 14 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस से पहले गाजियाबाद में महिला पुलिसकर्मियों ने तिरंगा स्कूटर रैली निकालकर देशभक्ति के साथ-साथ महिला सुरक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। कमिश्नरेट गाजियाबाद की महिला पुलिसकर्मियों द्वारा निकाली गई इस रैली का उद्देश्य शहर की महिलाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाना रहा।
यह रैली सरकार के 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित की गई। बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी स्कूटर पर हाथों में तिरंगा लेकर शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरीं। रैली के माध्यम से लोगों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।
ट्रैफ़िक और अपराध के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव चौधरी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कमिश्नरेट की सभी महिला पुलिसकर्मियों द्वारा स्कूटी रैली या तिरंगा यात्रा निकाली गई है। इस रैली का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं के प्रति सुरक्षा की भावना को जागृत करना है। इसके साथ ही, महिला अपराधों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए काम कर रही पुलिसकर्मियों के माध्यम से लोगों के बीच जागरूकता फैलाना भी इस पहल का हिस्सा है।
अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसी भूमिका को स्थापित करने के उद्देश्य से भी यह रैली आयोजित की गई है। पुलिस ने रैली के लिए विशेष रूट निर्धारित किया था। इस रूट में शहर के प्रमुख बाजारों और ऐसे स्थानों को शामिल किया गया, जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है। इसके पीछे उद्देश्य यह था कि रैली अधिक से अधिक महिलाओं और आम नागरिकों तक सुरक्षा का संदेश पहुंचा सके।
उन्होंने बताया कि रैली के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह गंभीर है और अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार काम कर रही है। इस पहल के जरिए कमिश्नरेट गाजियाबाद की महिला नागरिकों में महिला सुरक्षा को लेकर विश्वास और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं यह महसूस करें कि जरूरत पड़ने पर गाजियाबाद पुलिस उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।
उन्होंने आगे कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों की इसमें भूमिका है। जागरूकता बढ़ने और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय से महिला अपराधों की रोकथाम को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
--आईएएनएस
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