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घरेलू एयरलाइंस के सपोर्ट के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एटीएफ पर वैट को घटाकर 7 प्रतिशत किया

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। मध्य पूर्व संकट में घरेलू एयरलाइन के सपोर्ट के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वेल्यू एडेड टैक्स (वैट) को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।
घरेलू एयरलाइंस के सपोर्ट के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एटीएफ पर वैट को घटाकर 7 प्रतिशत किया

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। मध्य पूर्व संकट में घरेलू एयरलाइन के सपोर्ट के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वेल्यू एडेड टैक्स (वैट) को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।

केंद्र सरकार की ओर से घरेलू एयरलाइन को सपोर्ट के लिए राज्यों से एटीएफ पर वैट घटाने की अपील की गई थी।

महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि महाराष्ट्र वेल्यू एडेड टैक्स एक्ट, 2002 के तहत एटीएफ पर वैट को 15 मई, 2026 से लेकर 14 नवंबर, 2026 तक के लिए 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है।

महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी आभार जताया।

इसे लेकर, नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण भारतीय विमानन उद्योग को हवाई क्षेत्र बंद होने, अनिश्चित परिचालन और एटीएफ की कीमतों में वृद्धि जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सरकार ने घरेलू अनुसूचित उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतों पर सीमा निर्धारित करने, हवाई अड्डे के शुल्कों में कमी करने, इमरजेंसी क्रेडिट लिंकेज स्कीम आदि के रूप में एयरलाइनों को कई राहतें प्रदान की हैं।

उन्होंने आगे कहा कि विमानन उद्योग में होने वाले महत्वपूर्ण खर्चों में से एक राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला एटीएफ पर वैट है। नागर विमानन मंत्रालय कुछ समय से, विशेष रूप से संकट के समय में, इस वैट को कम करने के लिए राज्य सरकारों के साथ बातचीत कर रहा है। मैं महाराष्ट्र राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभारी हूं कि उन्होंने इस अवसर पर आगे बढ़कर एटीएफ पर वैट को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी की, जो आज से प्रभावी है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में 16 एयरपोर्ट्स संचालन में हैं और देश में सबसे अधिक यात्री ट्रैफिक इसी राज्य में देखने को मिलता है, जो लगभग 7.5 करोड़ यात्रियों का है। वैट में यह कमी इन सभी एयरपोर्ट्स पर उड़ान संचालन में सहायता करेगी और बड़ी संख्या में यात्रियों को लाभ पहुंचाएगी और वैश्विक चुनौतियों बीच हवाई किराए में लगातार वृद्धि को नियंत्रित करने में मदद करेगी।

--आईएएनएस

एबीएस/

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