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घर से ठानकर आए थे कि गोल्ड मेडल ही जीतना है, इसके लिए कड़ी मेहनत की: पिंकी रॉय

घर से ठानकर आए थे कि गोल्ड मेडल ही जीतना है, इसके लिए कड़ी मेहनत की: पिंकी रॉय
घर से ठानकर आए थे कि गोल्ड मेडल ही जीतना है, इसके लिए कड़ी मेहनत की: पिंकी रॉय

नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को 'एशियन गेम्स 2026' में गोल्ड जीता। फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान के खिलाफ 37-34 से जीत हासिल की।

गोल्ड मेडल जीतने के बाद पिंकी रॉय ने 'आईएएनएस' से कहा, "जब हम भारत से जापान के लिए रवाना हुए थे, तो ठानकर आए थे कि गोल्ड मेडल ही जीतना है। हमने 2022 में भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। साल 2026 में भी गोल्ड मेडल पर हमने ही अपना कब्जा किया। हम पांच महीने से कैंप कर रहे हैं। हमने इसके लिए कड़ी मेहनत की। ईरानी टीम ने भी काफी मेहनत की है, लेकिन हमारी मेहनत ज्यादा थी। यही वजह है कि आज हमारे हाथ में गोल्ड है। हमने पूल मुकाबले में ईरान पर 14 प्वाइंट्स से जीत हासिल की थी। फाइनल में उन्होंने वापसी की थी। एक समय मुकाबला काफी नजदीक था। स्कोर 26-27 का स्कोर हो गया था, लेकिन हमने वहां से वापसी की और आज हमारे हाथ में मेडल है।

उन्होंने अपना मेडल मां और बहन को समर्पित करते हुए कहा, "मैं अपनी मां को और दीदी को यह मेडल समर्पित करती हूं। मेरी मां साल 2017 में इस दुनिया को अलविदा कह गई थीं। वह मुझे इंडियन जर्सी में देखना चाहती थीं। यह मेरा पहला टूर था।"

पिंकी चाहती हैं कि पुरुष प्रो कबड्डी लीग की तरह यह प्रतियोगिता महिलाओं के लिए भी आयोजित की जाए। उन्होंने कहा, "जिस तरह लड़कों की प्रो कबड्डी लीग का आयोजन हो रहा है, उस तरह लड़कियों की लीग का आयोजन क्यों नहीं हो रहा है? हमें भी प्रो कबड्डी लीग की जरूरत है। इससे छोटी बच्चियां इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित होंगी।"

वहीं, ऋतु नेगी ने कहा, "हम फाइनल से पहले पूल मुकाबले में भी ईरान पर जीत हासिल कर चुके थे, लेकिन फाइनल मैच में ईरान ने पिछले मुकाबले की तुलना में शानदार प्रदर्शन किया। हमने रणनीति के हिसाब से ही खेला।"

ऋतु नेगी ने बताया, "मैंने साल 2006 में कबड्डी खेलनी शुरू की थी। इसके बाद 8 साल स्पोर्ट्स हॉस्टल में ट्रेनिंग की। साल 2014 में मैंने इंडियन रेलवे ज्वाइन किया, जिसके बाद से इंडियन रेलवे टीम से ही खेल रही हूं। मेरे परिवार ने मेरा काफी सपोर्ट किया है। 4 साल पहले मेरी शादी हुई थी। मेरे मायके और ससुराल ने खेलने के लिए मेरा काफी समर्थन किया है, जिसकी वजह से मैं आज यहां हूं।"

इसके साथ ही उन्होंने समर्थन के लिए सरकार और फेडरेशन का धन्यवाद जताते हुए कहा, "हमारी भारत सरकार, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एकेएफआई) हमारी फेडरेशन काफी सपोर्ट कर रही है। हमारे लिए कैंप लगाए गए। कबड्डी के लिए ऐसे ही काम करें, ताकि आगे भी ऐसे ही गोल्ड मेडल आते रहें।"

--आईएएनएस

आरएसजी

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