जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे से लेकर ऑपरेशन टाइगर और टीएमसी विवाद पर जेबी माथेर ने साधा निशाना
नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य जेबी माथेर ने जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे, महाराष्ट्र के 'ऑपरेशन टाइगर', और टीएमसी में चल रहे अंदरूनी कलह को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में राजनीतिक नैतिकता लगातार कमजोर हो रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए जेबी माथेर ने आईएएनएस से कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल करना है और किसे नहीं, यह सरकार और पार्टी का विशेषाधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। हर वर्ग को सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' और सांसदों की खरीद-फरोख्त के आरोपों पर जेबी माथेर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा सांसदों को खरीद रही है और दूसरी तरफ सत्ता में बैठे लोग हर संभव तरीके से लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार शीर्ष स्तर तक पहुंच चुका है और इसे गंभीरता से जांचा जाना चाहिए।
जेबी माथेर ने कहा कि विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भाजपा में शामिल कर 'वाशिंग मशीन' की तरह साफ कर दिया जाता है। यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। आज देश में 'लोकतांत्रिक भ्रष्टाचार' देखने को मिल रहा है, जहां पद का दुरुपयोग, संविधान की शपथ का उल्लंघन और राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
लखनऊ और दिल्ली में हाल ही में हुई आग की घटनाओं का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि 15 छात्रों की मौत बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं और सुरक्षा मानकों की निगरानी करने वाली व्यवस्थाएं कहां हैं। उन्होंने कहा कि चाहे डबल इंजन सरकार हो या कोई और व्यवस्था, अगर ऐसी घटनाओं को रोका नहीं जा सकता तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पर्याप्त मुआवजे की मांग की और कहा कि हादसों के कारणों की गहन जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
टीएमसी में हाल के घटनाक्रम और राजनीतिक बदलावों पर टिप्पणी करते हुए जेबी माथेर ने कहा कि देश ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां राजनीतिक नैतिकता लगभग खत्म होती जा रही है। उन्होंने कहा कि कई नेता पैसे, सत्ता और दबाव के जाल में फंसकर फैसले ले रहे हैं। हालांकि उन्होंने इसे टीएमसी का आंतरिक मामला बताया, लेकिन कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मूल्यों और नैतिकता का कमजोर होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस

