Rajasthan की राजनीति में एक बार फिर परिवारवाद का मुद्दा गर्मा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot की हालिया नसीहत के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने नजर आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि गहलोत ने पार्टी के भीतर परिवारवाद को लेकर टिप्पणी करते हुए संगठन में योग्यता और कार्यकर्ता आधारित राजनीति को प्राथमिकता देने की बात कही। उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
Bharatiya Janata Party ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि कांग्रेस लंबे समय से परिवारवाद की राजनीति करती रही है। वहीं, Indian National Congress के नेताओं ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब आगामी चुनावों को लेकर दोनों दल अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। ऐसे में परिवारवाद का मुद्दा फिर से राजनीतिक विमर्श का अहम हिस्सा बन सकता है।
Rajasthan में इस मुद्दे पर अब बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
कुल मिलाकर, गहलोत की एक टिप्पणी ने प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।

