गयाजी में कृषि जन कल्याण संवाद का शुभारंभ, किसानों की समस्याओं को 24 घंटे में जांच के निर्देश
गया, 22 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को गया के प्रेक्षागृह केंद्र, हरिदास सेमिनरी में ‘किसान समृद्धि, महिला उद्यमी, युवा रोजगार, श्रमिक उत्थान—कृषि जन कल्याण संवाद’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधायक, जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, किसान, युवा और महिला उद्यमी मौजूद रहे। संवाद के दौरान किसानों ने खाद की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री और समय पर आपूर्ति समेत कृषि से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा।
किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सिन्हा ने गया के जिलाधिकारी को 24 घंटे के भीतर टीम गठित कर मामले की जांच कराने और जांच प्रतिवेदन से उन्हें अवगत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भी मंत्री ने निरीक्षण किया। इनमें एग्रीस्टैक एवं फार्मर आईडी, खाद, प्राकृतिक खेती, मिट्टी जांच, डिजिटल कृषि, कृषि ऐप, ड्रोन तकनीक, पौधा संरक्षण, कृषि विपणन, निर्यात एवं बाजार संपर्क, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, फसल सहायता, उद्यानिकी, प्रसंस्करण, उन्नत बीज और जैविक प्रमाणीकरण से संबंधित स्टॉल शामिल थे।
सिन्हा ने कहा कि कृषि विभाग की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक लाभ प्रत्येक किसान तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर संबंधित पदाधिकारी किसानों के साथ संवाद करेंगे और उन्हें योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा कि किसान को केवल कृषि उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय तकनीक, गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और बाजार से जोड़ना जरूरी है। इससे कृषि को रोजगार और उद्यमिता का माध्यम बनाया जा सकता है। इसमें युवा और महिला किसानों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
कृषि मंत्री ने कहा कि ‘कृषि जन कल्याण संवाद’ का उद्देश्य किसानों की बात सीधे सुनना, उनकी जरूरतों को समझना और योजनाओं व तकनीकी सुविधाओं का लाभ खेत तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान तथा कृषि क्षेत्र को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि ‘सशक्त किसान, समृद्ध बिहार और विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार किसानों के साथ निरंतर संवाद और सहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ रही है।
--आईएएनएस
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