Samachar Nama
×

गौतमबुद्धनगर में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती, पांच उपनिरीक्षक निलंबित

गौतमबुद्धनगर में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती, पांच उपनिरीक्षक निलंबित
गौतमबुद्धनगर में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती, पांच उपनिरीक्षक निलंबित

नोएडा, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में जनशिकायतों की अनदेखी, शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समुचित समाधान नहीं करने और पुलिस कार्यप्रणाली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। जनशिकायतों के बढ़ते मामलों, शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुनने, निस्तारण में हीलाहवाली करने और असंतुष्ट फीडबैक की संख्या बढ़ने पर पांच उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में यह कार्रवाई जनशिकायतों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ ही पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिकायतों की अनदेखी और अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही के आरोप में निलंबित किए गए पांच उपनिरीक्षकों में थाना सेक्टर-24 की मोरना चौकी के प्रभारी अजित सिंह और सेक्टर-12/22 चौकी के प्रभारी अक्षय प्रताप शामिल हैं। इसके अलावा थाना जेवर की आरआर साइट चौकी के प्रभारी बिरजलाल, थाना सूरजपुर की कस्बा सूरजपुर चौकी के प्रभारी कपिल पांडे और कचहरी सूरजपुर चौकी के प्रभारी अनिल कुमार को भी निलंबित किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ जनशिकायतों की संख्या बढ़ने, शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनने, उचित समाधान नहीं करने और शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी करने की शिकायतें सामने आई थीं।

असंतुष्ट फीडबैक में लगातार बढ़ोतरी को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया है। सभी पांच उपनिरीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच प्रचलित कर दी गई है। जनशिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाने के मामले में पुलिस विभाग ने कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी जांच शुरू की है। इनमें एसीपी-2 नोएडा, एसीपी-2 ग्रेटर नोएडा और एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त थाना सेक्टर-113, थाना बीटा-2 और थाना दादरी के प्रभारी निरीक्षकों के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच संस्थित की गई है।

चौकी स्तर पर ओखला, सेक्टर-98, सरस्वती इंक्लेव, कचहरी फेस-2, कलौंदा, सिरसा और शाहबेरी/चिपियाना चौकियों के प्रभारियों के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में थाना दनकौर के हल्का-1 और थाना इकोटेक-1 के हल्का-3 के प्रभारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, इन अधिकारियों के विरुद्ध जनशिकायतों में बढ़ोतरी और शिकायतों का समुचित समाधान नहीं किए जाने के कारण प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। पुलिस कमिश्नरेट ने चोरी, गृहभेदन, वाहन चोरी और झपटमारी जैसे अपराधों की रोकथाम में अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर पाने वाले अधिकारियों को भी चेतावनी दी है।

इस श्रेणी में कई चौकी प्रभारियों और हल्का प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच संस्थित की गई है। इनमें थाना सेक्टर-39 की सदरपुर चौकी, थाना सेक्टर-58 की एनआईबी चौकी, थाना फेस-1 की झुंडपुरा/गोलचक्कर चौकी और थाना फेस-3 की ममूरा/गढ़ी चौखंडी चौकी के प्रभारी शामिल हैं। थाना सेक्टर-63 की एच ब्लॉक/बहलोलपुर चौकी तथा थाना बिसरख की गौर सिटी-1/2, निराला और चेरी काउंटी क्षेत्र की चौकी के प्रभारी भी जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा थाना बीटा-2 की एच्छर/अल्फा चौकी, थाना दादरी की कस्बा दादरी/रेलवे रोड/अजायबपुर चौकियों के प्रभारी और थाना नॉलेज पार्क के हल्का-2 एवं हल्का-3 के प्रभारियों के खिलाफ भी जांच शुरू की गई है।

इन अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम और प्रभावी कार्रवाई में कमी के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने स्पष्ट किया है कि जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायतों और नागरिकों से जुड़े प्रत्येक मामले का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता पाए जाने पर नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अब संबंधित अधिकारियों के खिलाफ चल रही जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

--आईएएनएस

पीकेटी/पीएम

Share this story

Tags