गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के लिए लगे 25 मेडिकल कैंप, 1 मई को होगा विशेष स्वास्थ्य महाभियान
गौतमबुद्धनगर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, निजी अस्पतालों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जनपद में 25 स्थानों पर व्यापक मेडिकल कैंपों का आयोजन किया गया।
इन कैंपों में हजारों श्रमिकों ने पहुंचकर निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया और सरकार के इस प्रयास की सराहना की। जिलाधिकारी ने सूरजपुर स्थित अंबेडकर भवन में लगाए गए मेडिकल कैंप का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक लिया।
श्रमिकों ने सेवाओं पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह के कैंप भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएं ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल कैंपों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विशेष रूप से महिला श्रमिकों के लिए मैमोग्राफी और ब्रेस्ट स्कैनिंग जैसी जांच की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा दंत चिकित्सा के लिए पूर्ण सेटअप, एक्स-रे जांच, आंखों की जांच, मोतियाबिंद के निशुल्क ऑपरेशन और मुफ्त चश्मा वितरण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। बच्चों के लिए पीडियाट्रिक सेवाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामान्य जांच के साथ मुफ्त दवाओं का वितरण किया गया। विभिन्न एनजीओ और अस्पतालों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
शारदा हॉस्पिटल द्वारा दंत और स्त्री रोग संबंधी जांच, आई केयर टीम द्वारा नेत्र परीक्षण और चश्मा वितरण, तथा अन्य संस्थाओं द्वारा टीबी, एचआईवी और कैंसर की स्क्रीनिंग की गई। उन्होंने बताया कि सूरजपुर, बरौला, सेक्टर-16, सर्फाबाद, छपरौला, सलारपुर, गेझा, भंगेल सहित कई श्रमिक बहुल क्षेत्रों में कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों के माध्यम से श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के पास ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
जिलाधिकारी ने घोषणा की कि 1 मई को जनपद में एक विशेष स्वास्थ्य महाभियान चलाया जाएगा, जिसमें 201 मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इस दौरान सभी सरकारी और 22 निजी अस्पतालों में पूरे दिन श्रमिकों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच, ऑपरेशन और अन्य उपचार सेवाएं प्रदान की जाएंगी। यह पहल न केवल श्रमिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उन्हें सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का एक प्रभावी प्रयास भी है।
--आईएएनएस
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