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गौतमबुद्ध नगर से सपा का चुनावी शंखनाद, 29 मार्च को अखिलेश यादव की सद्भावना रैली

गौतमबुद्ध नगर, 26 मार्च (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करने जा रही है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव 29 मार्च को गौतमबुद्ध नगर के दादरी स्थित मिहिर भोज डिग्री कॉलेज में आयोजित होने वाली सद्भावना रैली के जरिए चुनावी आगाज करेंगे।
गौतमबुद्ध नगर से सपा का चुनावी शंखनाद, 29 मार्च को अखिलेश यादव की सद्भावना रैली

गौतमबुद्ध नगर, 26 मार्च (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करने जा रही है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव 29 मार्च को गौतमबुद्ध नगर के दादरी स्थित मिहिर भोज डिग्री कॉलेज में आयोजित होने वाली सद्भावना रैली के जरिए चुनावी आगाज करेंगे।

इस रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2011 में भी अखिलेश यादव ने अपनी चर्चित ‘साइकिल यात्रा’ की शुरुआत गौतमबुद्ध नगर से ही की थी। उस यात्रा के माध्यम से उन्होंने पूरे उत्तर प्रदेश का दौरा किया था, जिसका राजनीतिक असर यह हुआ कि 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को बहुमत मिला और प्रदेश में सपा की सरकार बनी।

ऐसे में एक बार फिर उसी धरती से चुनावी अभियान की शुरुआत को पार्टी के लिए शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है। 29 मार्च को प्रस्तावित इस सद्भावना रैली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह रैली न केवल संगठन को मजबूती देगी, बल्कि आगामी चुनावों के लिए माहौल भी तैयार करेगी। रैली में किसानों, युवाओं और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश सचिव सुनील चौधरी आज नोएडा में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं।

इस बैठक में सभी गांवों और सेक्टरों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य रैली को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार करना और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भीड़ जुटाने, परिवहन व्यवस्था, सुरक्षा और कार्यक्रम के सुचारू संचालन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत पकड़ बनाने के लिए सपा का यह कदम अहम साबित हो सकता है।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीएससी

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