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गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर दिल्ली HC में सुनवाई, वीडियो में जाने CJP के दो प्रवक्ताओं ने विवादित AI पोस्ट हटाने पर दी सहमति

गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर दिल्ली HC में सुनवाई, वीडियो में जाने CJP के दो प्रवक्ताओं ने विवादित AI पोस्ट हटाने पर दी सहमति

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने भाटिया के खिलाफ सोशल मीडिया पर शेयर किए गए AI से तैयार विवादित पोस्ट हटाने पर सहमति जताई। दोनों पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटाने की बात कही गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सौरव दास, आशुतोष रांका और CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके को समन भी जारी किया।

24 घंटे में हटेंगे विवादित पोस्ट

मामले की सुनवाई के दौरान CJP प्रवक्ताओं की ओर से कोर्ट के सामने कहा गया कि गौरव भाटिया के खिलाफ किए गए दोनों विवादित AI पोस्ट हटा दिए जाएंगे। इन्हें 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया से हटाने पर सहमति बनी है।कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा और X को भी निर्देश दिया कि यदि भविष्य में इन्हीं पोस्ट की हूबहू कॉपी दोबारा अपलोड की जाती है और गौरव भाटिया इसकी शिकायत करते हैं, तो शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ऐसे कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाए।

तीन CJP नेताओं को समन

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के अलावा पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को भी समन जारी किया है। मानहानि याचिका में सोशल मीडिया पर भाटिया के नाम और तस्वीर के साथ कथित तौर पर फर्जी और AI से तैयार सामग्री प्रसारित किए जाने का मुद्दा उठाया गया है।मामला अब कोर्ट के समक्ष आगे की सुनवाई के लिए जारी रहेगा। विवादित पोस्ट हटाने की सहमति के बावजूद याचिका में उठाए गए अन्य कानूनी सवालों पर अदालत में सुनवाई आगे बढ़ सकती है।

संजय कुमार पर हमले के आरोप से जुड़ा विवाद

पूरा विवाद CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के मामले से जुड़ा है। CJP का आरोप है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। इसी मामले में CJP की ओर से स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की गई थी।इसी घटनाक्रम के दौरान CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक शेयर किया था। इसमें गौरव भाटिया की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को कथित तौर पर ‘दिमागी नक्सल’ बताए जाने समेत कई बातें लिखी गई थीं।

भाटिया ने बयान से किया इनकार

गौरव भाटिया ने इस ग्राफिक में लिखी बातों को अपना बयान मानने से इनकार किया था। उन्होंने पोस्ट को फर्जी बताते हुए कहा था कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। इसके बाद उन्होंने कथित AI पोस्ट और उनकी सामग्री को लेकर मानहानि की याचिका दायर की।अब दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पोस्ट हटाने पर सहमति बनने और तीन CJP नेताओं को समन जारी होने के बाद मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। कोर्ट का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिया गया निर्देश भविष्य में उसी सामग्री की हूबहू कॉपी दोबारा पोस्ट किए जाने की स्थिति में कार्रवाई से जुड़ा है।

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