गुणकारी गुलकंद : गर्मी की थकान और पाचन की समस्याओं से दिलाए राहत, तन-मन को भी रखे शीतल
नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों की तपिश से बचने के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक चीजों की ओर रुझान बढ़ रहा है। इन्हीं में से एक है ताजा गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद, जो न सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि तन-मन को भी शीतल रखता है।
गुलकंद को गर्मियों का बेहतरीन साथी माना जाता है। गुलकंद ताजा गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी या गुड़ को मिलाकर सूरज की धूप में धीरे-धीरे पकाकर तैयार किया जाता है। इसकी खुशबू और मीठा स्वाद भारतीय घरों में पीढ़ियों से चला आ रहा है। गर्मी के मौसम में यह ठंडक देने वाला प्राकृतिक व्यंजन खासतौर पर लोकप्रिय होता है।
यह सदाबहार व्यंजन सिर्फ स्वाद और ठंडक ही नहीं देता, बल्कि भारतीय परंपरा और बेहतरीन पाक-कला का भी प्रतीक है। पुराने समय में दादी-नानी इसे घर में बनाती थीं और बच्चों को चम्मच भर गुलकंद खिलाती थीं। आज भी कई घरों में गुलकंद बनाना और इसका सेवन एक पारिवारिक परंपरा बनी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुलकंद में गुलाब की पंखुड़ियों के प्राकृतिक गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं। यह गर्मी से होने वाली थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव को कम करने में मदद करता है। गुलकंद पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है। गर्मियों में अक्सर पेट की समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में रोजाना थोड़ी मात्रा में गुलकंद का सेवन पाचन को सुधारता है और एसिडिटी से राहत दिलाता है।
गुलकंद में एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत रखता है। गर्मी में त्वचा संबंधी समस्याएं आम हैं, त्वचा बहुत जल्दी बेजान सी लगने लगती है। ऐसे में यह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में भी कारगर है। साथ ही यह प्राकृतिक रूप से शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करता है।
गुलकंद को कई तरीकों से खाया जा सकता है। इसे सीधे चम्मच से खाया जा सकता है, दूध या दही के साथ मिलाकर शरबत बनाया जा सकता है या फिर हलवे, लड्डू और आइसक्रीम में मिलाकर भी इस्तेमाल किया जाता है। गर्मियों में गुलकंद वाला ठंडा दूध या शरबत पीना कई लोगों का पसंदीदा नाश्ता या शाम का पेय होता है।
गर्मी के मौसम में सिंथेटिक और पैकेट वाले कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय घर का बना गुलकंद फायदेमंद होता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें मिठास होती है।
--आईएएनएस
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