गरबा पंडाल में अश्लीलता-छेड़छाड़ पर तुरंत प्रशासन को बताएं, कानून हाथ में न लें: अनिल रूंगटा
सूरत, 24 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) सूरत के अध्यक्ष अनिल रूंगटा ने नवरात्रि के गरबा पंडालों को लेकर आयोजकों और कार्यकर्ताओं के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने गरबा पंडालों में प्रवेश करने वाले लोगों के परिचय पत्र की जांच करने, सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचना देने की अपील की।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अनिल रूंगटा ने कहा कि नवरात्रि हिंदुओं का पवित्र त्योहार है और विश्व हिंदू परिषद चाहती है कि यह पर्व धूमधाम से मनाया जाए और किसी तरह का व्यवधान न हो। इसी उद्देश्य से वीएचपी ने कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं और इन्हें लागू कराने के लिए प्रशासन के सहयोग के साथ आयोजकों से भी बातचीत की जाएगी। वीएचपी की पहली अपील है कि गरबा पंडालों में किसी भी विधर्मी को प्रवेश नहीं दिया जाए। उन्होंने गरबा में आने वाले लोगों से माथे पर तिलक लगाकर आने की अपील की।
उन्होंने आयोजकों से कहा कि पंडाल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का परिचय पत्र ठीक से जांचने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पंडालों में काम करने वाले बाउंसर, कार्यकर्ता, कलाकार, फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर समेत अन्य कर्मचारियों को लेकर भी उन्होंने आयोजकों से हिंदू लोगों को रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि गरबा पंडालों में किसी भी तरह की छेड़छाड़, अश्लीलता या आपत्तिजनक फोटोग्राफी अथवा वीडियोग्राफी की घटना सामने आती है तो तुरंत प्रशासन से संपर्क किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। किसी तरह की समस्या होने पर प्रशासन को सूचित किया जाए और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई हो।
जब उनसे पूछा गया कि अगर आयोजकों की ओर से इन अपीलों और दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया तो वीएचपी क्या करेगी, इस पर रूंगटा ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद इसका पूरी तरह विरोध करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध कानून की मर्यादा में रहते हुए किया जाएगा।
मध्य प्रदेश की भाजपा विधायक उषा ठाकुर के उस दावे पर भी रूंगटा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने नवरात्रि के गरबा आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लड़कियों के गैर-हिंदू पुरुषों के साथ चले जाने और इससे डेमोग्राफिक्स में बदलाव होने की बात कही थी। रूंगटा ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का अपना रुख स्पष्ट है। उषा ठाकुर का बयान उनका व्यक्तिगत बयान है और इस पर वही बता सकती हैं। वीएचपी का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी परिस्थितियां पैदा ही न हों।
--आईएएनएस
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