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गरबा को नाइट क्लब न बनने दिया जाए, धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखना जरूरी: विहिप

गरबा को नाइट क्लब न बनने दिया जाए, धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखना जरूरी: विहिप
गरबा को नाइट क्लब न बनने दिया जाए, धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखना जरूरी: विहिप

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राजधानी दिल्ली में कुछ स्थानों पर आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर चिंताएं जताई हैं। विहिप ने आशंका जताई कि कुछ आयोजनों को गरबा के पारंपरिक और सांस्कृतिक स्वरूप से हटाकर नाइट क्लब और पार्टी के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। साथ ही, विहिप ने कहा कि गरबा को नाइट क्लब नहीं बनने दिया जाएगा।

विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली में गरबा आयोजनों की जांच की मांग करते हुए रविवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक पत्र लिखा। इसमें विहिप ने लिखा, "नवरात्रि हिंदू समाज के लिए मां दुर्गा और मां शक्ति की आराधना, भक्ति, साधना और संस्कार का पर्व है। गरबा इसी धार्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ सांस्कृतिक आयोजन है। अतः गरबा का स्वरूप हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं के अनुरूप रहना आवश्यक है।"

पत्र में लिखा गया है, "विश्व हिंदू परिषद के संज्ञान में दिल्ली के कुछ स्थानों पर आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर गंभीर चिंताएं और सूचनाएं आई हैं। ऐसी आशंका व्यक्त की गई है कि कुछ आयोजनों को गरबा के पारंपरिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप से हटाकर नाइट क्लब व पार्टी के स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। विहिप का स्पष्ट मत है कि अगर किसी आयोजन को गरबा के नाम पर अनुमति दी गई है तो उसमें गरबा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।"

साथ ही, विहिप ने लिखा कि मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ आराधना और पारंपरिक गरबा व डांडिया की सांस्कृतिक भावना के स्थान पर उसे नाइट क्लब जैसा मनोरंजन कार्यक्रम नहीं बनाया जाना चाहिए। इसी प्रकार आयोजन में अशोभनीय प्रदर्शन, फूहड़ता, अनुशासनहीनता या ऐसा कोई स्वरूप नहीं होना चाहिए, जो नवरात्रि और हिंदू संस्कृति की गरिमा के विपरीत हो।

विहिप ने पत्र में लिखा, "यह भी महत्वपूर्ण है कि अगर किसी विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान ने भारतीय संस्कृति, संस्कार और सांस्कृतिक गतिविधि के उद्देश्य से गरबा आयोजन की अनुमति दी है, तो उस अनुमति की शर्तों व उद्देश्य का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शैक्षणिक परिसर को सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर नाइट क्लब में परिवर्तित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"

विश्व हिंदू परिषद ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से आग्रह किया कि दिल्ली के ऐसे सभी प्रमुख गरबा आयोजनों की प्रशासनिक व पुलिस स्तर पर जांच और निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण में विशेष रूप से यह देखा जाए कि आयोजन के लिए दी गई अनुमति में उल्लिखित उद्देश्य और शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं।

विहिप ने यह भी मांग की है कि जो आयोजन अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करने पाए जाएं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर आयोजन पर रोक लगाई जाए। साथ ही, विश्व हिंदू परिषद ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी शांतिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम का विरोध करना नहीं है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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