गैंगस्टर प्रिंस खान के पाकिस्तान कनेक्शन की जांच के लिए धनबाद पहुंची एनआईए टीम
रांची, 28 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड के वासेपुर के कुख्यात फरार गैंगस्टर प्रिंस खान के कथित पाकिस्तान कनेक्शन और आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। एनआईए की एक टीम धनबाद पहुंची और प्रिंस खान से जुड़े आपराधिक तथा कथित आतंकी नेटवर्क के बारे में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
जांच एजेंसी खास तौर पर उसके विदेशी संपर्कों, पाकिस्तान में मौजूद नेटवर्क और रंगदारी की रकम के कथित अंतरराष्ट्रीय प्रवाह की पड़ताल कर रही है। जांच के केंद्र में यह सवाल है कि क्या प्रिंस खान का नेटवर्क केवल संगठित अपराध और रंगदारी तक सीमित है या इसके तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान स्थित अन्य संदिग्ध नेटवर्क से भी जुड़े हैं।
धनबाद पुलिस की पूछताछ में प्रिंस खान के करीबी सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर ने उसके पाकिस्तान में होने और वहां कथित आतंकी संपर्कों को लेकर कई जानकारियां दी हैं। पुलिस की पूछताछ से सामने आई जानकारी के मुताबिक, झारखंड में व्यापारियों और कारोबारियों से वसूली गई रंगदारी की रकम कथित तौर पर हवाला और दुबई के माध्यम से पाकिस्तान भेजी जाती थी।
एक रिपोर्ट के अनुसार, दुबई के अल अंसारी एक्सचेंज के जरिए पाकिस्तान में रकम पहुंचने का दावा किया गया है। इस नेटवर्क में अलग-अलग बैंक खातों के इस्तेमाल और लेन-देन से जुड़ी डिजिटल पर्चियों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली है। एनआईए अब इन वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को भी खंगाल सकती है।
खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश होगी कि रंगदारी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल केवल आपराधिक गतिविधियों के लिए किया गया या उसका कोई हिस्सा कथित आतंकी गतिविधियों अथवा आतंकी संगठनों तक पहुंचा। जांच में प्रिंस खान के पाकिस्तान पहुंचने के तरीके और वहां उसे कथित तौर पर किसने मदद पहुंचाई, यह भी अहम बिंदु होगा। सूचना मिली है कि वह पाकिस्तानी नागरिक तौकीर बलोच के जरिए आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में आया है।
एनआईए अब इन सूचनाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। प्रिंस खान लंबे समय से झारखंड पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। उसके गिरोह पर रंगदारी, धमकी और हिंसक आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई आरोप हैं।
अब एनआईए की जांच से यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि प्रिंस खान का नेटवर्क किस स्तर तक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक और आतंकी नेटवर्क से जुड़ा है। यदि जांच में आतंकी गतिविधियों से संबंधित पर्याप्त कानूनी साक्ष्य सामने आते हैं, तो उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
--आईएएनएस
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