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गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की विदेश में गिरफ्तारी बड़ी कामयाबी, अन्य फरार अपराधियों पर भी पड़ेगा असर: पूर्व डीसीपी एलएन राव

गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की विदेश में गिरफ्तारी बड़ी कामयाबी, अन्य फरार अपराधियों पर भी पड़ेगा असर: पूर्व डीसीपी एलएन राव
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की विदेश में गिरफ्तारी बड़ी कामयाबी, अन्य फरार अपराधियों पर भी पड़ेगा असर: पूर्व डीसीपी एलएन राव

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ पर हुई हालिया कार्रवाई को दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी एलएन राव ने भारतीय एजेंसियों की बड़ी संयुक्त सफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि विदेश में बैठकर आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है और इससे इंटरपोल व प्रत्यर्पण संधि के जरिए अन्य वांछित अपराधियों पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी। साथ ही उन्होंने दिल्ली मेट्रो में पोस्टर लगाए जाने के मामले को कानूनी अपराध बताते हुए कहा कि स्पेशल सेल की जांच से जल्द ही साजिश का पर्दाफाश होगा।

प्रख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी एल.एन. राव ने कहा कि हाल ही में हिमांशु भाऊ को एबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जाना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैं इसे हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस और भारतीय एजेंसियों की बड़ी सफलता कहूंगा। खासतौर पर इंटरपोल और सीबीआई की मदद से यह सूचना संबंधित एजेंसी तक पहुंची, जिसके आधार पर दबिश देकर हिमांशु भाऊ और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया। ये लोग कई मामलों में शामिल रहे हैं और अब इनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि अब तक वह विदेश में रहकर अपना नेटवर्क चला रहा था। इसके बारे में जानकारी यह है कि उसने 17-18 साल की उम्र से ही अपराध की दुनिया में कदम रख लिया था। उसका अपराध का ग्राफ बहुत तेजी से बढ़ा और वह बड़े अपराधियों की श्रेणी में शामिल हो गया। उसने जितने भी अपराध किए, उनके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ होगी और उसके नेटवर्क के बारे में और अधिक जानकारी सामने आएगी।

पूर्व डीसीपी एलएन राव ने कहा कि जुवेनाइल कानून थोड़ा लचीला है और नाबालिगों के लिए अपेक्षाकृत लाभदायक माना जाता है। बताया जाता है कि उसने 17 वर्ष की उम्र में ही अपराध की दुनिया में प्रवेश कर लिया था। इसके बाद विदेश जाकर उसने वहीं से अपने नेटवर्क को संचालित करना शुरू किया। उसने अपने गैंग में काफी लोगों को शामिल किया हुआ है। वह विदेश से निर्देश देता है और यहां उसके लोग उन निर्देशों के अनुसार काम करते हैं। इन्हें हम शूटर कह सकते हैं या वे लोग जो मैदान में जाकर काम करते हैं, जैसे गोली चलाना, धमकाना, उगाही का पैसा इकट्ठा करना आदि।

उन्होंने कहा कि यह जो कार्रवाई हुई है, उसका प्रभाव उन अन्य गैंगस्टरों पर भी पड़ेगा जो विदेशों में बैठकर आपराधिक गतिविधियां चला रहे हैं। मैं आपको बता दूं कि सभी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होनी है। किसी मामले में समय अधिक लग सकता है तो किसी में कम। जैसे हिमांशु भाऊ तक पहुंचने और उस पर दबाव बनाने में भी काफी समय लगा।

उन्होंने कहा कि यह सब इंटेलिजेंस इनपुट पर निर्भर करता है कि किस पुलिस एजेंसी को कब और कैसी सूचना मिलती है। हरियाणा पुलिस ने जानकारी मिलने के बाद संबंधित सूचनाएं साझा कीं। मैं हरियाणा पुलिस की सराहना करता हूं कि उन्होंने बहुत तेजी से कार्रवाई की।

पूर्व डीसीपी एलएन राव ने कहा कि इसी प्रकार जो भी अपराधी किसी मामले में वांछित हैं, उनके बारे में यदि सूचना मिलती है कि वे विदेश में हैं, तो इंटरपोल के माध्यम से उन्हें पकड़ा जा सकता है, जैसा कि इस मामले में किया गया। इससे पहले भी कई अपराधियों को विदेशों से लाया गया है। मैं स्वयं भी एक उग्रवादी आरोपी को अमेरिका के न्यूयार्क शहर से भारत लेकर आया था। यह पूरी प्रक्रिया भारत और अन्य देशों के बीच हुई प्रत्यर्पण संधियों पर आधारित होती है।

उन्होंने कहा कि अब यह इस बात पर निर्भर करता है कि कानूनी प्रक्रियाएं कितनी जल्दी पूरी होती हैं। उसी के अनुसार यह तय होता है कि किसी आरोपी को भारत लाने में कितना समय लगेगा।

दिल्ली मेट्रो को लेकर उन्होंने कहा कि यह दिल्ली मेट्रो की एक महत्वपूर्ण लाइन है, जो नई दिल्ली और आईजीआई एयरपोर्ट को जोड़ती है। ट्रेन के अंदर इस प्रकार के पोस्टर लगाना कानूनी अपराध है। इसी कारण दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जिन लोगों ने ये पोस्टर लगाए हैं, उनकी पहचान की जा रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि उन पोस्टरों की सामग्री क्या थी और उनका उद्देश्य क्या था।

उन्होंने कहा कि यह भी देखा जाएगा कि क्या यह किसी चुनी हुई सरकार को बदनाम करने की साजिश थी, सरकार के कामकाज को प्रभावित करने का प्रयास था, या फिर किसी अन्य उद्देश्य से यह किया गया। इसी कारण इस मामले की जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई है। मेरा मानना है कि स्पेशल सेल के पास जांच का अच्छा अनुभव है और वह जल्द ही उन लोगों तक पहुंचेगी जिन्होंने ये पोस्टर लगाए हैं।

पूर्व डीसीपी एलएन राव ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में यह भी पता चलेगा कि उनका उद्देश्य क्या था, उनके पीछे कौन लोग थे, क्या किसी राजनीतिक दल की भूमिका थी या फिर यह केवल शरारत के तौर पर किया गया था।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

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