गैंगस्टर छोटा राजन के खिलाफ सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला, फर्जी पासपोर्ट मामले में 7 साल की सजा
चेन्नई, 30 जुलाई (आईएएनएस)। चेन्नई की सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार को गैंगस्टर छोटा राजन के खिलाफ एक अहम फैसला सुनाया। अदालत ने छोटा राजन को फर्जी पासपोर्ट मामले में सात वर्ष की सजा सुनाई है।
सीबीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि गुरुवार को आरोपी छोटा राजन उर्फ विजया कदम उर्फ राजेंद्र उर्फ नाना को धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने, किसी और का नाम इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करने और पासपोर्ट पाने के लिए जानबूझकर झूठे दस्तावेज जमा करने के अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया और 55,000 रुपए के जुर्माने के साथ सात वर्ष की सजा सुनाई गई।
सीबीआई ने आगे जानकारी दी कि दोषी छोटा राजन अभी नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, जहां वह पहले से ही उम्रकैद की सख्त सजा काट रहा है। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपी छोटा राजन उर्फ विजया कदम उर्फ राजेंद्र उर्फ नाना के खिलाफ 19 मार्च 2002 को दर्ज किया था।
आरोप था कि छोटा राजन ने जाली दस्तावेज जमा करके पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और उसे हासिल किया। उसने चेन्नई के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के साथ धोखाधड़ी की।
जांच में पता चला कि आरोपी छोटा राजन ने स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट, राशन कार्ड, डीडी वगैरह जैसे झूठे दस्तावेज जमा करके विजया कदम के नाम से भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जांच में यह भी पता चला कि विजया कदम का असली नाम राजेंद्र उर्फ नाना उर्फ छोटा राजन था, जो मुंबई के रहने वाले सदाशिव का बेटा था।
आरोपी छोटा राजन ने 'विजया कदम' बनकर और उम्र व पते के सबूत के तौर पर जाली दस्तावेज जमा करके चेन्नई के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस से धोखाधड़ी और बेईमानी से पासपोर्ट हासिल किया था और पासपोर्ट पाने के लिए उन दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल किया था।
जांच के बाद सीबीआई ने आरोपी छोटा राजन के खिलाफ 22 जनवरी 2004 को चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
--आईएएनएस
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