गैंगस्टर एक्ट में कुर्क अफजाल अंसारी की डालीबाग कोठी वापस, अदालत के आदेश पर मिला कब्जा
लखनऊ, 2 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के डालीबाग स्थित सपा सांसद अफजाल अंसारी की कोठी बुधवार को उन्हें वापस मिल गई। गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई इस संपत्ति का कब्जा अदालत के आदेश के अनुपालन में नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम ने अफजाल अंसारी के परिवार को सौंपा।
करीब 6,700 वर्ग फुट क्षेत्रफल में बनी इस संपत्ति को अक्टूबर 2022 में गाजीपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क कर सील किया था। अदालत के आदेश के बाद बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम डालीबाग स्थित संपत्ति पर पहुंची। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सील खोलने का पंचनामा तैयार किया गया और संपत्ति का वास्तविक कब्जा परिवार को सौंप दिया गया।
अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम दर्ज इस संपत्ति को गाजीपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया था। कुर्की की कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। गाजीपुर की विशेष गैंगस्टर अदालत ने अप्रैल 2025 में मामले की सुनवाई के बाद संपत्ति को अपराध या गैंगस्टर गतिविधियों से अर्जित संपत्ति मानने से इनकार कर दिया था। अदालत ने गाजीपुर के जिलाधिकारी को 30 दिनों के भीतर संपत्ति की सील खोलकर उसे वापस करने का आदेश दिया था।
आदेश के बावजूद संपत्ति का कब्जा वापस नहीं मिलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए संपत्ति का कब्जा परिवार को सौंप दिया। कब्जा लेने पहुंचे अफजाल अंसारी ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1998 में यह भूखंड खरीदा था और वर्ष 2001 में मकान का निर्माण पूरा होने के बाद उनका परिवार यहां रहने लगा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में संपत्ति को अपराध से अर्जित संपत्ति बताते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क और सील कर दिया गया था। कब्जा हस्तांतरण की कार्रवाई के दौरान तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।
अधिकारियों ने दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के साथ सील खोलने की कार्रवाई की। संपत्ति तक पहुंचने वाले रास्ते पर मौजूद कूड़े को भी हटाया गया। इसके लिए नगर निगम की ओर से बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद परिवार को मौके तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध कराया गया।अधिकारियों ने अदालत के निर्देश के तहत संपत्ति का कब्जा परिवार को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की।
--आईएएनएस
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