हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर किया गैंगरेप फिर की ब्लैकमेलिंग, जानें पूरा मामला
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रायसेन रोड स्थित टीआईटी कॉलेज से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यह मामला इतना भयावह है कि यह 1992 के कुख्यात अजमेर बलात्कार कांड की याद दिलाता है। टीआईटी कॉलेज में एक संगठित गिरोह ने कथित तौर पर हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके साथ बलात्कार किया, अश्लील वीडियो बनाए और इन वीडियो के जरिए उनकी सहेलियों और बहनों को ब्लैकमेल किया। पुलिस ने मामले के दो मुख्य आरोपियों फरहान खान और मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है और एसआईटी मामले की गहन जांच कर रही है।
20 वर्षीय छात्रा ने दिखाई हिम्मत और दर्ज कराई एफआईआर
यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब बैतूल निवासी 20 वर्षीय युवती ने हिम्मत जुटाकर 17 अप्रैल 2025 को बागसेवनिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि 2022 में फरहान खान ने उसे प्रेम जाल में फंसाया और जहांगीराबाद में अपने दोस्त हमीद के घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसका अश्लील वीडियो बना लिया गया, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई और उसका यौन शोषण किया गया। इतना ही नहीं फरहान ने उसकी बहन को भी ब्लैकमेल कर अपना शिकार बनाया। जब पीड़िता ने फरहान के मोबाइल पर अन्य लड़कियों के अश्लील वीडियो देखे तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।
मांस खाने के लिए मजबूर किया गया और धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया। सूत्रों के अनुसार, पीड़ितों को गांजा, शराब जैसे नशीले पदार्थ दिए गए तथा उन्हें मांस, विशेषकर मटन खिलाने के लिए मजबूर किया गया। कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन पर धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव डाला गया। बैतूल की दो सौतेली बहनों ने बताया कि फरहान और उसके साथियों ने उन्हें गांजा खिलाया, मांस खिलाया और फिर गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों ने भी उनका यौन शोषण किया। आरोपियों की हरकतों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक पीड़िता ने डर के कारण तीसरे साल में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी।
3 थानों में एफआईआर दर्ज, जांच के लिए एसआईटी गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। बागसेवनिया, अशोका गार्डन और जहांगीराबाद थाने में बीएनएस, पोक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं के तहत 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं। चौथी पीड़िता की काउंसलिंग जारी है, जिसके बाद एक और एफआईआर दर्ज की जा सकती है। पुलिस ने मुख्य आरोपी टीआईटी कॉलेज के छात्र और जहांगीराबाद निवासी फरहान खान के साथ निजी कर्मचारी और अशोका गार्डन निवासी मोहम्मद साद को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से 10 से 15 अन्य लड़कियों के अश्लील वीडियो बरामद किए हैं, जिनकी साइबर फोरेंसिक टीम जांच कर रही है।
यह मामला अजमेर बलात्कार कांड जैसा ही है
डीसीपी जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया, 'बागसेवनिया थाने में नाबालिग पीड़िता की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। पोक्सो और बलात्कार की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हो गई है और सभी दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी इसकी गहन जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 1992 के अजमेर बलात्कार मामले जैसा है, जहां एक गिरोह ने स्कूली छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाया, उनके अश्लील वीडियो बनाए और उनके दोस्तों को ब्लैकमेल किया। भोपाल में भी आरोपी ने पहले एक छात्रा को बहला-फुसलाकर उसका वीडियो बनाया और फिर उसे अपने दोस्तों से मिलवाने के लिए मजबूर किया।
भाजपा नेताओं ने की सख्त सजा की मांग
भोपाल के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को 'केरल जैसी साजिश' करार दिया और आरोपियों को सार्वजनिक सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा, 'बेटियों का वीडियो बनाकर उनका अपमान करने वालों को बंद कमरों में क्यों रखा जा रहा है? उसकी पिटाई सार्वजनिक होनी चाहिए। यह एकमात्र घटना नहीं है, ऐसी तीन घटनाएं हो चुकी हैं। सरकार हर पहलू की जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा, 'पुलिस ने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। इस साजिश की हर कड़ी को उजागर करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। मध्य प्रदेश में लव जिहाद जैसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।'

