गणेश चतुर्थी पर ऐसे करें बप्पा की स्थापना और पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश को समर्पित सबसे खास पर्वों में से एक है। इस दिन भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अपने घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल गणेश चतुर्थी कब है, बप्पा की स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और पूजा की सही विधि क्या है।
पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को पड़ रही है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को ही मनाया जाएगा।
गणपति स्थापना और पूजा के लिए मध्याह्न का समय विशेष शुभ माना जाता है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार, 14 सितंबर को पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के आधार पर समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
बप्पा की स्थापना करने से पहले पूजा वाली जगह को अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा स्थापित करने के बाद सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद पूजा का संकल्प लें और भगवान को जल, अक्षत, फूल आदि अर्पित करें। गणेश जी को रोली, सिंदूर, दूर्वा और फूल चढ़ाएं। गणेश पूजा में दुर्वा का खास महत्व माना गया है। इसके बाद धूप और दीप जलाकर पूजा करें।
भगवान गणेश को मोदक और लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार फल और अन्य प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं। पूजा के दौरान ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद गणेश चतुर्थी की कथा पढ़ें या सुनें और अंत में भगवान गणेश की आरती करें।
गणेश उत्सव कई परिवारों और स्थानों पर अलग-अलग अवधि तक मनाया जाता है। घर में स्थापित गणपति का विसर्जन डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें या दसवें दिन परिवार की परंपरा के अनुसार किया जा सकता है। वहीं, इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है और इसी दिन बड़े स्तर पर गणपति विसर्जन किया जाएगा।
--आईएएनएस
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