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भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब लाने में फ्रांस निभा रहा ब्रिज की भूमिका : पीएम मोदी

पेरिस/नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूरोप के सबसे बड़े टेक इवेंट वीवाटेक के 10वें संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन' की शुरुआत के साथ, फ्रांस, भारत और यूरोप के टेक इको-सिस्टम को एक-दूसरे के करीब लाने में ब्रिज की भूमिका निभा रहा है।
भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब लाने में फ्रांस निभा रहा ब्रिज की भूमिका : पीएम मोदी

पेरिस/नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूरोप के सबसे बड़े टेक इवेंट वीवाटेक के 10वें संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन' की शुरुआत के साथ, फ्रांस, भारत और यूरोप के टेक इको-सिस्टम को एक-दूसरे के करीब लाने में ब्रिज की भूमिका निभा रहा है।

संबोधन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को वीवाटेक इवेंटी की सफलता की बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2026 भारत और यूरोप दोनों के लिए एक विशेष वर्ष साबित हुआ है। इस साल की शुरुआत में हमने ऐतिहासिक भारत ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया।

यह समझौता हमारे व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा। साथ ही, यह टैलेंट, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के आदान-प्रदान के लिए कई रास्ते खोलेगा।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि 2021 में, जब मैंने वीवाटेक में आया था, तो दुनिया कोविड-19 की वजह से आई उथल-पुथल का सामना कर रही थी। आज, दुनिया दूसरी तरह की उथल-पुथल का सामना कर रही है और मैं वही बात फिर से दोहराता हूं जो मैंने तब वीवाटेक 2021 में कही थी, जहां पारंपरिक तरीके काम नहीं आते, वहां इनोवेशन मदद कर सकता है।

संबोधन में पीएम मोदी ने बताया कि पिछले दशक में भारत तेजी से बदला है और इस बदलाव के पीछे टेक्नोलॉजी का बड़ा हाथ है। दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान सिस्टम बनाने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बनाने तक, हम वित्तीय समावेशन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन, खेती और कई अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने डिजिटल पेमेंट का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस की वजह से, आज दुनिया के आधे रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में होते हैं। अब आप फ्रांस में भी यूपीआई का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि एफिल टॉवर या पेरिस एयरपोर्ट पर।

हमारे पास ऐसे कई वर्ल्ड-क्लास डिजिटल पब्लिक गुड्स के उदाहरण हैं। डिजीलॉकर दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट में से एक है। डिजीलॉकर के जरिए, 70 करोड़ यूजर्स कभी भी और कहीं भी ओरिजिनल सोर्स से असली डॉक्यूमेंट्स तक पहुंच सकते हैं। हमने डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म पर 2,000 से ज्यादा स्टैंडर्ड डॉक्यूमेंट्स को शामिल किया है। अब हमें भारत में ड्राइविंग लाइसेंस या गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जैसे फिजिकल डॉक्यूमेंट्स को स्टोर करने और उन्हें खोजने की जरूरत नहीं है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि दो लाख से अधिक स्टार्ट-अप्स के साथ, भारत दुनिया के सबसे जीवंत इको-सिस्टम में से एक है। मैं आप सभी से इंडिया पैविलियन आने का आग्रह करता हूं।

यहां आपको भारत की जबरदस्त ऊर्जा का अनुभव होगा। चाहे वह दुनिया का पहला सिंगल-पीस 3डी प्रिंटेड रॉकेट इंजन हो, एडवांस्ड जेनेटिक-इंजीनियरिंग थेरेपी हो, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने वाले या साइबर और नेटवर्क सिक्योरिटी को बेहतर बनाने वाले एआई सॉल्यूशन हों, ऑटोनॉमस रोबोट, स्मार्ट सिटी और मोबिलिटी सॉल्यूशन हों।

पीएम मोदी ने कहा कि आप इंडिया पैविलियन में देखेंगे कि कैसे अलग-अलग सेक्टर में हमारे स्टार्ट-अप्स प्रेरणादायक तरीके से इनोवेशन कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एबीएस

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