भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे में क्लास के दौरान ‘चार पैरों वाला मेहमान’, छात्रों के चेहरों पर छाई मुस्कान
कभी-कभी जिंदगी के सबसे गंभीर और अनुशासित माहौल में भी ऐसा हल्का-फुल्का पल आ जाता है, जो अचानक सबके चेहरों पर मुस्कान बिखेर देता है। कुछ ऐसा ही दिलचस्प और यादगार नज़ारा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (IIT बॉम्बे) में देखने को मिला, जहां पढ़ाई और लेक्चर की गंभीरता के बीच अचानक एक अनोखा ‘मेहमान’ क्लासरूम में दाखिल हो गया।
यह मेहमान कोई नया छात्र या गेस्ट लेक्चरर नहीं, बल्कि चार पैरों पर चलने वाला एक प्यारा सा कुत्ता था। उसकी अप्रत्याशित एंट्री ने न सिर्फ क्लास का माहौल बदल दिया, बल्कि छात्रों और प्रोफेसर के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्लास अपने नियमित अंदाज़ में चल रही थी। प्रोफेसर विषय की जटिल अवधारणाओं को समझा रहे थे और छात्र गंभीरता से नोट्स लेने में व्यस्त थे। तभी अचानक क्लासरूम का दरवाजा हल्के से खुला और एक कुत्ता अंदर आ गया। शुरुआत में कुछ छात्रों को लगा कि शायद यह बाहर से गलती से भटककर आ गया है, लेकिन कुछ ही पलों में पूरा माहौल हंसी और हल्के-फुल्के मज़ाक से भर गया।
कुत्ता बिना किसी डर या हड़बड़ाहट के क्लास के बीचों-बीच आकर बैठ गया, मानो वह भी लेक्चर सुनने आया हो। कुछ छात्र उसे देखकर मुस्कुराने लगे, तो कुछ ने मोबाइल में इस प्यारे पल को कैद कर लिया। प्रोफेसर भी अपनी मुस्कान नहीं रोक पाए और कुछ क्षणों के लिए पढ़ाई रोककर इस अनोखे मेहमान को निहारते रहे।
बताया जा रहा है कि आईआईटी बॉम्बे परिसर में कई बार कुत्ते और अन्य जानवर घूमते नजर आ जाते हैं, लेकिन क्लासरूम के अंदर इस तरह की एंट्री कम ही देखने को मिलती है। यही वजह रही कि यह दृश्य छात्रों के लिए खास बन गया। पढ़ाई के दबाव और असाइनमेंट्स की भागदौड़ के बीच यह पल किसी राहत से कम नहीं था।
कुछ छात्रों ने मज़ाक में कहा कि “लगता है आज हमारे साथ एक नया ‘ऑडिटर’ जुड़ गया है।” वहीं एक छात्र ने हंसते हुए कहा, “शायद इसे भी इंजीनियरिंग में दिलचस्पी है।” सोशल मीडिया पर भी इस घटना का जिक्र होने लगा और कई लोगों ने इसे ‘कैंपस लाइफ का सबसे क्यूट मोमेंट’ बताया।
हालांकि, कुछ ही देर बाद संस्थान के कर्मचारियों ने कुत्ते को सुरक्षित बाहर पहुंचा दिया। अच्छी बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी तरह की अफरा-तफरी या परेशानी नहीं हुई। कुत्ता भी शांत रहा और छात्रों ने भी संयम बनाए रखा।
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि चाहे माहौल कितना भी गंभीर क्यों न हो, एक छोटा सा अप्रत्याशित पल भी दिन को खास बना सकता है। आईआईटी बॉम्बे के छात्रों के लिए यह दिन सिर्फ एक और लेक्चर का दिन नहीं रहा, बल्कि एक ऐसी याद बन गया, जिसे वे लंबे समय तक मुस्कुराते हुए याद करेंगे।

