100 करोड़ के कथित घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश गिरफ्तार, तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज
तमिलनाडु की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और डीएमके नेता अनबिल महेश पोय्यामोझी को कथित 100 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला निजी स्कूलों को सरकारी मंजूरी और स्थायी मान्यता दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूलने से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता, स्कूल अपग्रेडेशन और अन्य सरकारी अनुमतियां दिलाने के नाम पर कथित रूप से करोड़ों रुपये की वसूली किए जाने की शिकायत सामने आई थी। शिकायत के आधार पर चेन्नई पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने अनबिल महेश से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। सितंबर में चेन्नई और तिरुचि में उनके आवास सहित कई स्थानों पर तलाशी ली गई। पुलिस ने मामले में दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल सामग्री भी जब्त की थी।
177 निजी स्कूलों से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, जांच में करीब 177 निजी स्कूलों के इस कथित मामले से प्रभावित होने की बात सामने आई। आरोप है कि स्कूलों को सरकारी मंजूरी और मान्यता दिलाने के नाम पर बड़ी रकम ली गई। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
विजय सरकार और डीएमके के बीच बढ़ सकता है टकराव
इस कार्रवाई से तमिलनाडु की राजनीति में तनाव बढ़ने की संभावना है। डीएमके की ओर से पहले छापेमारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया गया था, जबकि सरकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला अब कानूनी प्रक्रिया के केंद्र में है।फिलहाल, इस केस में सबसे अहम सवाल यही है कि कथित रकम का लेन-देन किन लोगों के जरिए हुआ और जांच में किन अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और पुलिस के आधिकारिक बयानों पर नजर बनी हुई है।

