फॉर्म में वापस लौटकर अच्छा लग रहा है: जोस बटलर
लखनऊ, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात टाइटंस के विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर ने रविवार को इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ शानदार पारी खेलकर फॉर्म में लौटने के बाद राहत महसूस की। उन्होंने बताया कि बेसिक्स पर फिर से ध्यान देने और सही समय पर मिली कुछ सलाह ने उन्हें खराब दौर से उबरने में मदद की।
बटलर ने एलएसजी के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 37 गेंदों में 60 रनों की दमदार पारी खेली। बटलर ने टी20 क्रिकेट में अर्धशतकों का शतक भी पूरा किया। मैच के बाद बटलर ने कहा. "हां, यह कुछ समय से चल रहा था। रन बनाकर वापस लौटना अच्छा लग रहा है। जाहिर है कि पिछले कुछ महीनों में मेरा फॉर्म थोड़ा खराब रहा था। इसी कारण फॉर्म में लौटना और टीम की एक और जीत में योगदान देना अच्छा लग रहा है।"
इंग्लैंड के इस स्टार खिलाड़ी ने माना कि खेल से कुछ समय के लिए दूर रहने से उन्हें मानसिक और तकनीकी रूप से खुद को फिर से तैयार करने का मौका मिला। "मुझे असल में खेल से थोड़ा ब्रेक मिला और सोचने का समय मिला। यह बात अपने आप मेरे दिमाग में आ गई। मैं यहां जितने हफ्ते रहा हूं, उन हफ्तों में मैंने अपने सेटअप और अपने बेसिक्स पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया है।"
बटलर ने बताया कि कुछ छोटी-मोटी तकनीकी कमियों की वजह से गेंद को ट्रैक करने की उनकी क्षमता पर असर पड़ रहा था, जिसे ठीक करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। "मुझे लगता है कि शायद कुछ तकनीकी दिक्कतें मेरे खेल में आ गई थीं, जिनकी वजह से मैं गेंद को ठीक से देख नहीं पा रहा था। इसी वजह से अगर आप गेंद को ठीक से नहीं देख पा रहे हैं, तो यह खेल बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए मैं गेंद फेंके जाने से पहले की हर चीज पर ध्यान दे रहा था और फिर उसी पर भरोसा कर रहा था। जैसा कि मैंने कहा, मैं 15 साल से खेल रहा हूं। जब मैं मैदान पर उतरूंगा, तो मुझे पता होगा कि मुझे क्या करना है।"
बटलर ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन को भी श्रेय दिया, जिन्होंने उन्हें आसान लेकिन असरदार सलाह दी। "हेडन असल में शुरुआती कुछ सेशन में मुझसे बस यही पूछा था कि तुम गेंद को कितनी अच्छी तरह देख रहे हो? ऐसा नहीं लग रहा कि तुम गेंद को ठीक से ट्रैक कर पा रहे हो। आप जानते हैं कि उनके जैसे महान खिलाड़ी बहुत ही आसान सलाह देते हैं, जो कि बहुत अच्छी बात है। उनकी सलाह मेरे लिए काफी असरदार रही। मुझे उनके साथ समय बिताना बहुत अच्छा लगा। जाहिर है कि उनकी मौजूदगी बहुत बड़ी है और उनका एक अलग ही प्रभाव है। इसी कारण जब वह बोलते हैं, तो हर कोई उनकी बात ध्यान से सुनता है।"
--आईएएनएस
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