“किसी के लिए रोज़ी सिर्फ कमाई नहीं, इम्तेहान होता है”, फिर भी नहीं करते जिंदगी से शिकवा, Video
हर दिन काम पर निकलना, मेहनत करना और अपने परिवार के लिए रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना केवल पैसे कमाने का जरिया नहीं होता। कई लोगों के लिए यह जीवन का सबसे बड़ा इम्तेहान होता है। यह इम्तेहान उनका साहस, धैर्य और हिम्मत पर होता है।
गरीब मजदूर, छोटे दुकानदार, किसान या किसी छोटे पेशे से जुड़े लोग हर रोज़ अपनी सीमाओं को चुनौती देते हैं। कभी मौसम की मार, कभी आर्थिक तंगी, कभी सामाजिक दबाव—हर दिन नए इम्तेहान लेकर आता है। उनके लिए रोज़ी कमाना केवल अपने परिवार को चलाने का माध्यम नहीं, बल्कि हर दिन की लड़ाई और परीक्षा है।
ऐसे लोग सुबह उठते हैं, बिना शिकायत किए, बिना आराम की चिंता किए अपने काम में जुट जाते हैं। उनके संघर्ष की कोई चमक-दमक नहीं होती, लेकिन उनका हौसला और समर्पण ही असली प्रेरणा है। उनके लिए हर छोटी कमाई एक जीत होती है, हर चुनौती को पार करना गौरव का विषय बन जाता है।
समाज में अक्सर मेहनत करने वाले इन लोगों की कहानियाँ अनकही रह जाती हैं। लेकिन अगर हम उनके संघर्ष को देखें तो समझ सकते हैं कि उनके लिए रोज़ी सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि जीवन का इम्तेहान और अपने हौसले की परीक्षा है। यही लोग असली नायक हैं, जो बिना किसी तारीफ या पहचान के हर दिन अपनी ज़िंदगी और परिवार को आगे बढ़ाते हैं।
इसलिए अगली बार जब हम किसी को मेहनत करते देखें, तो याद रखिए—उनकी रोज़ी सिर्फ कमाई नहीं, बल्कि हर दिन की एक नई परीक्षा है। उनके साहस और संघर्ष को समझना ही असली इंसानियत है।

