फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना पर ईरान बोला- स्मित मच्छार ने बचाईं जानें, पूरी इजरायल की साजिश
मुंबई, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना पर मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल सईद रजा मोसायेब मोतलाघ ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर की सराहना करते हुए कहा कि मानव जीवन बचाना हमेशा सराहनीय है और पायलट ने अपनी सूझबूझ से सैकड़ों जानें बचाईं। साथ ही उन्होंने इजरायल पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि यह पूरी घटना प्रधानमंत्री पद के चुनाव से पहले टकराव पैदा करने के लिए खुद इजरायल द्वारा ही रची गई थी।
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ने और भारतीय बाजार में आई गिरावट के बीच अमेरिका के न रुकने की वजह से आने वाले हालात को लेकर मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल सईद रजा मोसायेब मोतलाघ ने कहा, "यह बिल्कुल स्पष्ट है। अगर आप इस हमले से पहले की स्थिति को देखें तो होर्मुज पूरी तरह से खुला था, बिना किसी प्रतिबंध के और देश इसका स्वतंत्र रूप से उपयोग कर रहे थे। दरअसल, इस वजह से ईरान को दो बड़े नुकसान झेलने पड़ रहे थे।"
उन्होंने आगे कहा कि पहला, ईरान का दुश्मन ठीक उसकी सीमाओं के पास मौजूद था, जैसा कि हमने देखा। दूसरा, जब हम प्रतिबंधों के अधीन थे, तब अन्य देश होर्मुज का अधिकतम उपयोग कर रहे थे, जबकि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान संयम बरत रहा था और इस आवाजाही में कोई बाधा नहीं डाल रहा था।
हाल ही में इजरायल ने कहा कि वह आतंकवाद को खत्म करने के लिए गहराई तक जाएगा और कुछ बड़े की योजना बना रहा है, इस पर ईरानी राजनयिक ने कहा कि उन्होंने अपनी कुटिल मंशा के लिए इस योजना को अंजाम दिया है और अब वे हालात का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें इस बात से भी कोई परहेज नहीं है कि इस प्रक्रिया में भारी संसाधनों का नुकसान हो या कई देश गंभीर मुश्किलों में धकेले जाएं।
उन्होंने आगे कहा कि हमने इसे करीब सात महीने पहले इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ उनके द्वारा किए गए हमले और आक्रामकता में देखा है। देखिए कि इसके परिणाम क्षेत्र के लिए और भारत जैसे देश के लिए भी क्या रहे हैं। आप देख सकते हैं कि लोगों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है और किस तरह अन्य देश भी इन समस्याओं में घसीटे गए हैं।
फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना पर उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से हाल के दिनों में हमने एक ऐसी घटना देखी है जो बेहद संदिग्ध है और इसे लेकर काफी चर्चा और अटकलें लग रही हैं। दरअसल, इस इंटरव्यू के शुरू होने से ठीक पहले भी मैं इस मामले पर एक लेख पढ़ रहा था, लेकिन किसी भी स्थिति में कोई भी घटना जो मानव जीवन को जोखिम में डालती है, वह खेदजनक और अस्वीकार्य है।
भारतीय पायलट स्मित मच्छार द्वारा कई इजरायलियों की जान बचाने पर सईद रजा ने कहा कि मानव जीवन को बचाना, चाहे वह कहीं भी हो या कोई भी पद पर हो, सराहनीय है। इस मामले में पायलट ने अपनी जान भी बचाई है। इस घटना को लेकर काफी विवाद और अटकलें रही हैं, लेकिन एक बार फिर मैं कहूंगा कि मानव जीवन बचाने का कोई भी प्रयास सराहना के योग्य है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल में प्रधानमंत्री पद के चुनाव नजदीक होने के कारण इजरायल ने फ्लाईदुबई की इस उड़ान वाली घटना की पहले से योजना बनाई थी, तो मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल मोतलाघ ने कहा, "स्वाभाविक रूप से, आप इस बात को लेकर निश्चित हो सकते हैं। जैसा कि मैंने अपने पिछले जवाबों में कहा था, मैंने इस मुद्दे से जुड़े कई पहलुओं और विवादों का जिक्र किया था और तब भी यही बात कही थी। दुर्भाग्य से उनके उद्देश्य इतने स्वार्थी और लापरवाह हो गए हैं कि अब हम देख रहे हैं कि वे किसी एक व्यक्ति या किसी खास समूह के अस्तित्व को बचाने के लिए, जरूरी नहीं कि अपने शासन के अस्तित्व के लिए ही, दुनिया भर में टकराव पैदा कर रहे हैं।"
इजरायल का कहना है कि शुरुआती जांच के मुताबिक ओमानी को-पायलट के आईआरजीसी से संबंध थे और यह एक आतंकी हमला था। इसे लेकर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर काफी विवाद रहा है। जब आप इससे जुड़ी परिस्थितियों को देखते और उनका अध्ययन करते हैं, तो आपको एहसास होता है कि इस बात की प्रबल संभावना है कि यह पूरी घटना खुद इजरायलियों द्वारा ही रची गई हो। घटना से ठीक एक दिन पहले आपने देखा कि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अनिवार्य रूप से इस संभावना के बारे में एक बयान जारी किया था कि कुछ हो सकता है और अगले ही दिन यह घटना घट गई।
--आईएएनएस
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