फ्लाईदुबई घटना भले ही हमारे देश में नहीं हुई लेकिन करेंगे गहन जांच: यूएई
अबू धाबी, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में बड़ा हादसा होते-होते टला। विमान ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी लेकिन फिर क्रैश कराने की कोशिश के बीच रास्ता बदला गया और आखिरकार इसे सऊदी के तबूक में ही लैंड कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विमान गिराने की कोशिश करने वाला पायलट ओमान का था। इस जांच का सिरा संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई से जाकर जुड़ा है, यही वजह है कि उन्होंने इसकी गहन जांच का भरोसा दिया है।
गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने एक बयान जारी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस बयान को चस्पा किया गया। इसके अनुसार, "यूएई के अटॉर्नी-जनरल, काउंसलर डॉ. हमद अल शम्सी ने घटना की परिस्थितियों और कारणों की जांच के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के खास सदस्यों की एक टीम बनाने का आदेश दिया है। यह कदम फ्लाईदुबई की उस घोषणा के बाद उठाया गया है जिसमें बताया गया था कि फ्लाइट डेक में कहा-सुनी हुई थी, जिसके बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के क्रू सदस्यों को दखल देना पड़ा और विमान को सुरक्षित करना पड़ा।"
फिर इसकी वजह बताई गई। आगे लिखा गया, "मंत्रालय ने पुष्टि की कि कानून के तहत घटना की जांच करने का अधिकार यूएई के न्यायिक अधिकारियों के पास है, क्योंकि विमान यूएई में रजिस्टर्ड है और उस पर यूएई का झंडा लगा है। इसलिए, विमान में हुए अपराधों पर यूएई का कानून लागू होता है, भले ही वे देश की सीमा के बाहर हुए हों।"
एमओएफए ने बताया कि जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है, जिसमें इसके पीछे आतंकी साजिश, पूर्व नियोजित योजना या किसी आतंकी संगठन के निर्देश होने की आशंका भी शामिल है। वहीं, यूएई ने इस घटना को संभालने और सहयोग के लिए सऊदी अधिकारियों का आभार जताया है।
मंत्रालय ने आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी और बयानों पर भरोसा करने और जांच पूरी होने व नतीजे घोषित होने तक अटकलों या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने के महत्व पर जोर दिया है।
--आईएएनएस
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