यूपी में मानसून की विदाई के बीच बाढ़ का कहर, वीडियो में जाने बिहार में 2 लाख लोग प्रभावित
देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी शुरू हो गई है, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से 26 गांवों में पानी घुस गया है। बाढ़ के कारण करीब 6 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। पानी में डूबने से दो लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई है।
गोंडा में घाघरा का बढ़ा जलस्तर
गोंडा में घाघरा नदी के उफान पर आने के बाद आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। 26 गांवों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। कई रास्ते जलमग्न होने के कारण सामान्य यातायात प्रभावित है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नावों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्यों पर नजर रखी जा रही है।
बिहार के 6 जिलों में बाढ़
बिहार में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के छह जिलों में करीब 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। नेपाल में हो रही भारी बारिश का असर बिहार की नदियों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। गंडक और कोसी समेत कई नदियां उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।छपरा के हजलपुर गांव में बांध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव देखने को मिला। तेज बहाव की चपेट में आने से एक घर टूटकर बह गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।
उत्तराखंड में बारिश की संभावना
उत्तराखंड के पांच पहाड़ी जिलों में आज बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, फिलहाल किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।वहीं, करीब एक सप्ताह पहले हुई बर्फबारी के बाद केदारनाथ में ठंड का असर बढ़ गया है। यहां आज तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में गिरावट के कारण ठंड बढ़ने लगी है।
दिल्ली में प्रदूषण का भी असर
बारिश और मानसून के बीच राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर भी चिंता सामने आई है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के मुताबिक, 2019 के बाद इस साल दिल्ली में सबसे प्रदूषित मानसून रहा। जुलाई से सितंबर के बीच दिल्ली का औसत AQI 105 दर्ज किया गया। मानसून के दौरान हवा की गुणवत्ता का यह स्तर राजधानी में प्रदूषण की स्थिति को रेखांकित करता है।इस तरह मानसून की वापसी के दौर में जहां उत्तर भारत के कुछ राज्यों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश और ठंड का असर दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।

