बिहार में बाढ़ का कहर: सारण में सांसद से भिड़े पीड़ित, सेना कर रही मदद; 3.65 लाख आबादी प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। नेपाल से भारी पानी आने और गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। करीब 3.65 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं और 250 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
सारण में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक
सारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। जिले के 7 प्रखंडों के 102 गांवों में करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। NDRF और SDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं।कई जगह सड़कें और गांव जलमग्न हैं। लोग अपने घरों से निकलकर ऊंचे स्थानों और तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा
बाढ़ राहत को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। पश्चिमी चंपारण में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी के दौरान बाढ़ पीड़ितों ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान बीजेपी सांसद संजय जायसवाल की गाड़ी पर गोबर फेंके जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
अब वायुसेना से मांगी गई मदद
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने भारतीय वायुसेना से राहत और बचाव अभियान में मदद मांगी है। वायुसेना के हेलिकॉप्टर सारण के प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए उड़ान भर चुके हैं।सारण के पानापुर इलाके में हेलिकॉप्टर से सूखा राशन गिराया गया, जिसमें चूड़ा, सत्तू, चना, चीनी, ORS और जरूरी सामान शामिल था।
अगले 48 घंटे बेहद अहम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के लिए अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में दबाव बढ़ गया है।सारण के अलावा गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली भी बाढ़ से प्रभावित हैं। कई जगह तटबंधों पर दबाव बना हुआ है और कुछ स्थानों पर बांध टूटने से पानी गांवों तक पहुंच गया है।बिहार में बाढ़ का संकट अब लगातार गहराता जा रहा है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और प्रभावित इलाकों में समय पर राहत सामग्री पहुंचाने की है।

