गौतम अदाणी की पहल 'वंदे भारतम्' को मिली 26,000 एंट्री में से पहले ग्रुप का हुआ चयन
अहमदाबाद, 11 अगस्त (आईएएनएस)। देशभर में जमीनी स्तर पर इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के द्वारा लॉन्च की गई पहल 'वंदे भारतम्' को मिली 26,000 एंट्री में से पहले ग्रुप का चयन हो गया है।
अदाणी ग्रुप ने बताया कि 'वंदे भारतम्' को हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश से आवेदन मिले, जिनमें मोबिलिटी, सस्टेनेबिलिटी, टेक्नोलॉजी, खेती, डिफेंस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा और दूसरे सेक्टर से जुड़े आइडिया शामिल थे। इस ग्रुप में अलग-अलग इलाकों, क्षेत्रों और बैकग्राउंड के इनोवेटर्स एक साथ आए हैं, जो देश की समस्याओं को हल करने, देश के विकास में योगदान देने वाले उद्यम बनाने और पूरे देश पर असर डालने के मकसद से जुड़े हैं।
'वंदे भारतम्' का उद्देश्य होनहार इनोवेटर्स को बेहतरीन मेंटर्स, इंडस्ट्री लीडर्स, पहचान और मौके दिलाना है, ताकि उनके आइडियाज को कामयाब बिजनेस में बदला जा सके। यह पहल गौतम अदाणी के उस गहरे विश्वास पर आधारित है कि जिस देश ने उन्हें सपने देखने, कुछ बनाने और आगे बढ़ने का मौका दिया, उसे कुछ वापस लौटाया जाए और दूसरों के लिए भी ऐसा ही करने के रास्ते बनाए जाएं।
पहले ग्रुप की शुरुआत के मौके पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, “जब मैं इन इनोवेटर्स को देखता हूं, तो मुझे आने वाले कल के भारत की संभावनाएं दिखाई देती हैं। टैलेंट की कोई शहर की सीमा नहीं होती और मौकों की भी कोई सीमा नहीं होनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि आने वाले सालों में जब हम इस पहले ग्रुप को याद करेंगे, तो इनमें ऐसे फाउंडर्स और इनोवेटर्स को देखेंगे जिन्होंने ऐसी कंपनियां बनाईं और भारत को बदल दिया। यह उनका शुरुआती अध्याय है और यह 'वंदे भारतम्' का भी पहला अध्याय है।”
कई चरणों वाली मूल्यांकन प्रक्रिया से चुने गए पहले ग्रुप के सदस्य 'वंदे भारतम इमर्सिव वीक' में हिस्सा लेंगे। इसमें मेंटरशिप सेशन, बिजनेस लीडर्स, एंटरप्रेन्योर्स और एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत और मूल्यांकन के कई दौर शामिल होंगे। यह प्रोग्राम 14 अगस्त को 'वंदे भारतम ग्रैंड फिनाले' के साथ खत्म होगा, जहां बेहतरीन इनोवेटर्स को सम्मानित किया जाएगा और 'वंदे भारतम् ट्रॉफी' दी जाएगी।
'वंदे भारतम्' को सिर्फ एक प्रतियोगिता से कहीं ज्यादा के तौर पर तैयार किया गया है। इसका लंबे समय का मकसद एक ऐसा राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म बनाना है जो नए आइडियाज को जल्दी खोज सके और भारत के पारंपरिक एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर्स से दूर रहने वाले इनोवेटर्स को ऐसे लोगों और संस्थानों से जोड़ सके जो उनकी यात्रा को तेजी से आगे बढ़ा सकें।
--आईएएनएस
एबीएस

