दिल्ली में खुलेआम बिक रहे पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी; 9 नवंबर से फिर लगेगा पूरी तरह बैन
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे के बीच पटाखों की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली के बाजारों में प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम पटाखे बिकने की खबरों पर नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से इन खबरों की जांच करने और आदेशों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने इस दौरान हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट का भी जिक्र किया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोर्ट के प्रतिबंधों के बावजूद दिल्ली के कई बाजारों में अलग-अलग तरह के पटाखे बेचे जा रहे हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-NCR में 4 से 6 नवंबर तक केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी थी। वहीं, 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की इजाजत दी गई है।
केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों को लेकर साफ निर्देश दिए थे कि केवल CSIR-NEERI और PESO से प्रमाणित पटाखों का ही निर्माण और बिक्री की जा सकती है। इसके अलावा बिक्री के लिए निर्धारित स्थान तय किए गए थे और ऑनलाइन पटाखे बेचने पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। नियमों के मुताबिक, प्रत्येक पटाखे के पैकेट पर QR कोड होना जरूरी है, ताकि उसकी प्रमाणिकता की जांच की जा सके। पटाखों की लड़ियों और बेरियम युक्त पटाखों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
दिल्ली के कई बाजारों में नियमों की उड़ रही धज्जियां
हिन्दुस्तान टाइम्स की 3 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, चांदनी चौक, सदर बाजार, शास्त्री नगर, सरोजिनी नगर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी समेत दिल्ली के कई इलाकों में पटाखों की खुलेआम बिक्री हो रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ दुकानदार ग्रीन पटाखों के नाम पर पारंपरिक पटाखे भी बेच रहे हैं। कई पैकेट पर QR कोड नहीं मिले और कुछ मामलों में कोड से प्रमाणन की जानकारी भी सामने नहीं आई।
9 नवंबर से पटाखों पर फिर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध
गौरतलब है कि दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट लगातार पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी रख रहा है। कोर्ट ने पहले भी माना था कि प्रतिबंधों के बावजूद पारंपरिक पटाखों की अवैध बिक्री जारी रही है। इसी को देखते हुए कोर्ट ने 9 नवंबर से पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर फिर से पूरी तरह प्रतिबंध लागू करने का निर्देश दिया है।

