फीफा वर्ल्ड कप के अनुभव ने मुझे एक इंसान के तौर पर बदल दिया है: एर्लिंग हालैंड
मियामी, 12 जुलाई (आईएएनएस)। इंग्लैंड के हाथों क्वार्टर फाइनल में 1-2 से शिकस्त झेलने के बाद नॉर्वे को फीफा वर्ल्ड कप 2026 की खिताबी रेस से बाहर होना पड़ा। नॉर्वे के मशहूर स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने बताया कि फीफा वर्ल्ड कप के अनुभव ने उन्हें एक इंसान के तौर पर बदल दिया है। 25 वर्षीय हालैंड ने अपने देश के ऐतिहासिक कैंपेन पर गर्व जताया है।
हालैंड ने इराक, सेनेगल, कोटे डी आइवर और ब्राजील के खिलाफ लगातार चार मुकाबलों में सात गोल दागकर विरोधियों के डिफेंस को परेशान किया था, लेकिन इंग्लैंड ने इस 6 फीट 4 इंच लंबी कद-काठी वाले खिलाड़ी को शांत रखा और मियामी में नॉर्वे का अब तक का सबसे अच्छा वर्ल्ड कप कैंपेन खत्म हो गया।
मैच के बाद हालैंड ने कहा, "ये चीजें अविश्वसनीय हैं। इसने मुझे एक इंसान के तौर पर बदल दिया है। मुझे लगता है कि मेरी पहचान थोड़ी बढ़ गई है, ऐसा कह सकते हैं। जब मैं उन मुकाबलों को याद करता हूं तो इन सभी बातों को समझना मुश्किल होता है, लेकिन ऐसे इवेंट का हिस्सा बनना बहुत खास है, जिसे मैं पहले बाहर से देखता था, और अब मैं इसे खुद जी रहा हूं। मुझे बहुत गर्व महसूस होता है, जब मैं सोचता हूं कि हमने कितना अच्छा प्रदर्शन किया, नॉर्वे में एकता की भावना, और वहां और यहां जो सकारात्मकता और खुशी हमने महसूस की, तो मैं सचमुच भावुक हो जाता हूं।"
नॉर्वे ने शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ बढ़त बनाई थी, लेकिन आखिर में एक्स्ट्रा-टाइम के बाद हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के लिए जूड बेलिंगहम (45+2' और 93') ने दोनों गोल करके मुकाबले का रुख बदलकर 'थ्री लायंस' (इंग्लैंड टीम) को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।
क्वार्टर-फाइनल से बाहर होने की निराशा के बावजूद, हालैंड का मानना है कि टूर्नामेंट में नॉर्वे के प्रदर्शन ने राष्ट्रीय टीम के बारे में लोगों की सोच बदल दी है। उन्होंने कहा, "लंबे समय से मेरा यही लक्ष्य रहा है और मुझे लगता है कि इस टूर्नामेंट के बाद हमने नॉर्वे को दुनिया के नक्शे पर ला खड़ा किया है। अब चुनौती इन मानकों को बनाए रखने की है। मुझे बहुत गर्व है। हमने साबित कर दिया कि दुनिया की सबसे बड़ी टीमों में से एक, ब्राजील को हराना मुमकिन है। आखिर में हम इंग्लैंड से हार गए, लेकिन हमने उन्हें कड़ी टक्कर दी। शायद नतीजा कुछ और हो सकता था। हमारे सामने अभी और भी वर्ल्ड कप और यूरो टूर्नामेंट हैं। मुझे लगता है कि अब खुद को सही मायने में स्थापित करने का समय आ गया है। हमारे पास खिलाड़ियों की एक शानदार पीढ़ी है।"
जब हालैंड से पूछा गया कि क्या वह अब इंग्लैंड का समर्थन करेंगे, क्योंकि उस देश से उनके संबंध हैं और टीम में उनके मैनचेस्टर सिटी के साथी खिलाड़ी भी हैं, तो हालैंड ने माना कि उनकी वफादारी बंटी हुई है। उन्होंने कहा, "मेरे सिटी के साथी खिलाड़ी यहां हैं। मैं इंग्लैंड में पला-बढ़ा हूं। मेरे पास सबसे पहली शर्ट इंग्लैंड की ही थी। यह एक खास देश है, लेकिन मेरे साथी खिलाड़ी फ्रांस और स्पेन से भी हैं।"
--आईएएनएस
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