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फीफा वर्ल्ड कप: फाइनल में हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस से रोते हुए बाहर निकले अर्जेंटीना के कोच स्कालोनी

फीफा वर्ल्ड कप: फाइनल में हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस से रोते हुए बाहर निकले अर्जेंटीना के कोच स्कालोनी
फीफा वर्ल्ड कप: फाइनल में हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस से रोते हुए बाहर निकले अर्जेंटीना के कोच स्कालोनी

न्यूयॉर्क, 20 जुलाई (आईएएनएस)। अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का सपना साकार नहीं हो सका। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद अपने भविष्य के बारे में पूछे जाने पर अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और रोते हुए मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस से बाहर चले गए।

स्कालोनी का कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर में खत्म हो रहा है। अर्जेंटीना अगर फाइनल में बाजी मारने में सफल रहता, तो स्कालोनी खिताब का बचाव करने वाले इतिहास के दूसरे हेड कोच बन जाते। हालांकि, अतिरिक्त समय में फेरान टोरेस द्वारा किए गए गोल ने उनका सपना तोड़ दिया और स्पेन दूसरी बार चैंपियन बनने में सफल रहा।

मैच के बाद उन्होंने कहा, "मैं प्रेसिडेंट से बात करूंगा। मेरे मन में एक विचार है कि मैं क्या करना चाहता हूं। मैं अपना कॉन्ट्रैक्ट पूरा करूंगा, और मुझे जरूरत महसूस होती है; मुझे नहीं पता कि क्या इतना बड़ा कुछ किया जा सकता है। हमें इस पर बात करने की आवश्यकता है।"

अर्जेंटीना के कोच ने आगे कहा, "मैं प्रेसिडेंट का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे इस जगह पर आने का मौका दिया, जहां मैं अभी हूं। यह हर किसी के लिए एक सपनों की जगह थी। खिलाड़ियों और स्टाफ ने आखिरी मिनट तक अपना सब कुछ देने की कोशिश की। मुझे लगता है कि यह सही है कि मैं इस बारे में सोचने के लिए खुद को थोड़ा समय दूं।"

स्कालोनी रोते हुए बोले, "थोड़ा सब्र रखें; मुझे नहीं पता कि मैं आगे बढ़ पाऊंगा या नहीं। यह जगह शानदार है, यह सपनों की जगह है। हमने कभी नहीं सोचा था, मेरे स्टाफ ने भी नहीं, कि हम इस जगह पर होंगे। आगे बढ़ने के लिए बहुत सी चीजों की जरूरत होती है, खासकर अपने दिमाग को रीसेट करना, रीबूट करना, फिर से ऐसा ग्रुप बनाना। ऐसा ग्रुप फिर से बनाना बहुत मुश्किल है।"

स्कालोनी ने कहा कि उन्होंने कप्तान लियोनेल मेसी से अपने भविष्य के बारे में बात नहीं की है। 39 वर्षीय मेसी ने टूर्नामेंट में आठ गोल किए, लेकिन फाइनल में अपना आम प्रभाव नहीं छोड़ सके। स्पेन के डिफेंस ने मेसी को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। स्कालोनी ने कहा, "वह अब 39 साल के हैं। मेरे लिए यह बिल्कुल साफ था कि वह तब तक खेलते रहेंगे जब तक वह खुद फैसला न कर लें कि नहीं खेलना है। मुझे उम्मीद है कि हर कोई उन पर और उनकी उपलब्धियों पर गर्व करेगा, क्योंकि वह फुटबॉल के मैदान पर उतरने वाले अब तक के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। मुझे इसमें कोई शक नहीं है, और इस वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने जो किया, वह अद्भुत था। हालांकि, उससे पहले भी उन्होंने जो किया, वह भी कमाल था।"

--आईएएनएस

एसएम/एएस

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