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एफडीए की बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र में 16 होटल-रेस्टोरेंट और ई-कॉमर्स के लाइसेंस निलंबित, पुणे-लोनावला में हड़कंप

एफडीए की बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र में 16 होटल-रेस्टोरेंट और ई-कॉमर्स के लाइसेंस निलंबित, पुणे-लोनावला में हड़कंप
एफडीए की बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र में 16 होटल-रेस्टोरेंट और ई-कॉमर्स के लाइसेंस निलंबित, पुणे-लोनावला में हड़कंप

पुणे, 14 अगस्त (आईएएनएस)। खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 'सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के तहत राज्य में 16 होटल, रेस्टोरेंट, ई-कॉमर्स और डेयरी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। इस सूची में पुणे, लोनावला, सातारा, सांगली और कोल्हापुर के बड़े नाम शामिल हैं।

एफडीए की सबसे कड़ी कार्रवाई लोनावला स्थित मेसर्स फॉर्च्यून इंटरप्राइजेज यानी होटल सयाजी पर हुई है। 12 अगस्त की जांच में होटल में यूज और एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य पदार्थ मिले। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा से जुड़े शेड्यूल IV के नियमों का भी गंभीर उल्लंघन पाया गया। इन्हीं खामियों के कारण एफडीए ने होटल का लाइसेंस नंबर 11523083000081 निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि ग्राहकों को बासी और एक्सपायरी सामान परोसना सीधे तौर पर सेहत से खिलवाड़ है। इस कार्रवाई के बाद होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।

एफडीए की जांच 11 से 14 अगस्त तक चली। इस दौरान होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर के 9 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई। पुणे के लोहगांव स्थित होटल चुल मटन, भोसरी के मेसर्स सिंपली साउथ, कोल्हापुर के होटल पवन और सांगली के मेसर्स राजेश चाइनीज का लाइसेंस निलंबित किया गया है। पुणे कैंप स्थित बर्गर किंग, सातारा के कराड स्थित डोमिनोज पिज्जा और पिज्जा हट के आउटलेट भी कार्रवाई की जद में आए। वानवडी के मेसर्स जेबीएम हॉस्पिटिलिटी कैंटिन, एचडीएफसी बैंक और गोल्डेन ईस्ट को बिना लाइसेंस व्यवसाय करते पाया गया। इन्हें तुरंत व्यवसाय बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बार एफडीए ने सिर्फ होटल-रेस्टोरेंट ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों पर भी शिकंजा कसा है। खाद्य पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री और भंडारण में लापरवाही मिलने पर 3 ई-कॉमर्स प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। पुणे के लोहगांव स्थित मेसर्स जेप्टो लिमिटेड, वारजे-जकात नाका और कर्वेनगर के मेसर्स स्वीनस्टा इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, साथ ही नरहे और भवानी पेठ के मेसर्स ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड यानी ब्लिकिंट पर कार्रवाई हुई है। एफडीए का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी खाद्य सुरक्षा कानून से बाहर नहीं हैं। स्टोरेज में साफ-सफाई और एक्सपायरी डेट की जांच अनिवार्य है।

दूध और दूध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी एफडीए सख्त है। जांच में खामियां मिलने पर 3 डेयरी प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निलंबित किया गया। इनमें पुणे जिले के खेड़ तालुका का मेसर्स ओम साई राम मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट्स, आंबेगांव तालुका के लोणी स्थित मेसर्स धर्मनाथ दूध शीतकरन केंद्र, और सातारा जिले के खंडाला तालुका के कंचनवाड़ी, अंधोरी स्थित मेसर्स आर.के. मिल्क शामिल हैं।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर यह विशेष मुहिम चलाई गई। एफडीए ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत तय स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करने पर तत्काल कार्रवाई होगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अगर किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता या सफाई को लेकर शिकायत हो तो टोल फ्री नंबर 1800222365 पर जानकारी दें। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में जांच और तेज होगी।

एफडीए ने इस मुहिम के साथ एक और अहम फैसला लिया है। सोमवार से स्कूल परिसर के आसपास हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट यानी एचएफएसएस खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान शुरू होगा। नियमों के अनुसार स्कूल से 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री प्रतिबंधित है।

एफडीए ने खाद्य व्यवसायियों को चेतावनी दी है कि अगर इस दायरे में चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट और अन्य एचएफएसएस सामान बेचते पकड़े गए तो सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन का मकसद है कि बच्चे आसानी से मिलने वाले ज्यादा वसा, नमक और चीनी वाले खाने से दूर रहें। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को पौष्टिक भोजन के लिए प्रेरित करें।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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