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आरबीआई की एफसीएनआर (बी) जमा स्कीम को निवेशकों से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया, आया 127 अरब डॉलर का इनफ्लो

आरबीआई की एफसीएनआर (बी) जमा स्कीम को निवेशकों से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया, आया 127 अरब डॉलर का इनफ्लो
आरबीआई की एफसीएनआर (बी) जमा स्कीम को निवेशकों से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया, आया 127 अरब डॉलर का इनफ्लो

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से अमेरिकी डॉलर आकर्षित करने के लिए शुरू की गई विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) या (एफसीएनआर(बी)) जमा को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। इसमें 31 अगस्त, 2026 तक कुल 127 अरब डॉलर का इनफ्लो आया है, जो कि अनुमान 100 अरब डॉलर से काफी ज्यादा है।

आरबीआई की ओर से जारी डेटा में कहा गया कि 31 अगस्त देश में एफसीएनआर (बी) जमा में 127.226 अरब डॉलर, बाह्य वा​णि​ज्यिक उधारी (ईसीबी) में 3.891 अरब डॉलर और विदेशों से विदेशी मुद्रा में उधार (ओएफसीबी) में 5.260 अरब डॉलर का इनफ्लो दर्ज किया गया है।

आरबीआई ने रुपए की स्थिति को मजबूत करने के लिए विशेष अमेरिकी-डॉलर स्वैप सुविधा के तहत एफसीएनआर (बी), ईसीबी और ओएफसीबी स्कीम को 8 जून को शुरू करने का ऐलान किया है।

इस योजनाओं को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।

आरबीआई के मुताबिक, एफसीएनआर (बी) जमा 31 अगस्त तक ही निवेशकों के लिए खुली थी। वहीं, ईसीबी और ओएफसीबी योजनाओं में निवेशक 31 दिसंबर, 2026 तक निवेश कर सकते हैं।

शुरुआत में आरबीआई ने एफसीएनआर (बी) जमा में निवेश की आखिरी तारीख 11 सितंबर, 2026 तय की थी, लेकिन निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए इसको संशोधित करके 31 अगस्त, 2026 कर दिया गया।

इस दौरान केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, “एफसीएनआर (बी) जमा के लिए स्वैप सुविधा को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया और इसके परिणामस्वरूप हुए विदेशी मुद्रा प्रवाह को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि एफसीएनआर (बी) जमा के लिए स्वैप सुविधा केवल 31 अगस्त 2026 तक जुटाई गई जमा के लिए उपलब्ध होगी। इस सुविधा के तहत स्वैप यानी एफसीएनआर (बी) जमा का लाभ आरबीआई से 11 सितंबर 2026 तक लिया जा सकता है।”

एफसीएनआर के तहत बड़ी मात्रा में डॉलर आने से भारत के बैलेंस ऑफ पेमेंट को काफी सहारा मिल सकता है। साथ ही, इससे डॉलर के मुकाबले रुपए को भी सहारा मिलेगा, जो फिलहाल मध्य पूर्व में तनाव के कारण दबाव का सामना कर रहा है।

--आईएएनएस

एबीएस

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