फारूक अब्दुल्ला के बयान पर बोले विहिप नेता विनोद बंसल- खाना भारत का और गुणगान पाकिस्तान का नहीं चलेगा
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे देशहित के खिलाफ बताते हुए फारूक अब्दुल्ला से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।
विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला अपनी पाक-परस्त देशद्रोही बयान के लिए माफी मांगें। आज जम्मू-कश्मीर के नेता फारूक अब्दुल्ला द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में दिया गया बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और घोर निंदनीय है। खाना भारत का और गुणगान पाकिस्तान का... अब यह नहीं चलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह बयान स्पष्ट रूप से भारत के साथ गद्दारी है। यह किसी से छुपा नहीं है कि किस प्रकार पाकिस्तान लगातार भारत पर हमले करता रहा है, आतंकवाद को निरंतर बढ़ावा देता रहा है और जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने की कोशिश करता रहा है। ऐसे पाकिस्तान को कश्मीरियों का हितैषी बता कर आखिर वे अपनी कौन-सी मानसिकता को दर्शा रहे हैं? क्या फारूक अब्दुल्ला भूल गए हैं कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद किस प्रकार आतंकी घुसपैठ रुकी और संपूर्ण राज्य में विकास की बयार चली?
विनोद बंसल ने लिखा कि केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तान के प्रति सख्त नीति के परिणामस्वरूप ही जम्मू-कश्मीर में शांति, खुशहाली और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है। ऐसे समय में पाकिस्तान की प्रशंसा करना और उसकी भूमिका को कश्मीरियों के रक्षक के रूप में प्रस्तुत करना अत्यंत आपत्तिजनक और देशद्रोह की पराकाष्ठा है।
उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को अपने इस बयान के लिए तत्काल देश से माफी मांगनी चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध देशद्रोह अथवा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
विनोद बंसल ने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं हो सकता। राज्य के मुख्यमंत्री को भी इस बारे में अपनी स्थित स्पष्ट करनी चाहिए कि क्या वे भी पाकिस्तान से मोहब्बत में अपने अब्बूजान के साथ खड़े हैं या देश के? यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या फारुख अब्दुल्ला ऐसे बयानों के माध्यम से कश्मीरी युवाओं को दिग्भ्रमित कर विपक्षी नेताओं के रिजिम चेंज के दिवास्वप्न को साकार करने का कोई भारत विरोधी षड्यंत्र तो नहीं रच रहे?
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी

