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फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दी, शांति-सुख की कामना

श्रीनगर, 20 मार्च (आईएएनएस)। ईद-उल-फित्र के अवसर पर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं दी। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के माध्यम से पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का संदेश साझा किया।
फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दी, शांति-सुख की कामना

श्रीनगर, 20 मार्च (आईएएनएस)। ईद-उल-फित्र के अवसर पर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं दी। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के माध्यम से पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का संदेश साझा किया।

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक्स पोस्ट में लिखा, "पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस पावन अवसर पर जम्मू-कश्मीर और पूरे देश की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। कामना है कि यह शुभ समय आपके और आपके प्रियजनों के लिए शांति, सुख और समृद्धि लेकर आए, तथा आपके घरों को स्नेह और आपके हृदयों को संतोष से भर दे।"

अपने संदेश में दोनों नेताओं ने कहा कि यह पवित्र अवसर सभी के जीवन में शांति, खुशहाली और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने कामना की कि यह त्योहार लोगों के घरों को गर्मजोशी और अपनापन से भर दे तथा दिलों में संतोष और सुकून का संचार करे।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर लोगों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में शांति, सद्भाव और मानवीय एकजुटता पर जोर दिया, साथ ही ईरान में चल रही मानवीय चुनौतियों पर चिंता जताई।

पीडीपी के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल ने एक पोस्ट में बताया, "महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ईद-उल-फितर के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई। उन्होंने लोगों के कल्याण और समृद्धि की कामना की और उम्मीद जताई कि यह त्योहार सांप्रदायिक सद्भाव के बंधनों को और मजबूत करेगा। इससे जम्मू-कश्मीर और पूरे देश में शांति एवं स्थिरता आएगी। उन्होंने ईद के सच्चे सार, करुणा, कृतज्ञता और गरीबों-जरूरतमंदों को याद रखने की याद दिलाई।"

ईद-उल-फितर का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि यह रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति का प्रतीक है। यह त्योहार सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, आत्म-अनुशासन, धैर्य और धर्मपरायणता के प्रति खुद को फिर से समर्पित करने का मौका देता है। साथ ही उपवास की शक्ति देने के लिए अल्लाह का शुक्र अदा करने का अवसर भी है।

--आईएएनएस

पीएसके

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