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फैक्‍ट चेक: इजरायली लड़ाकू विमानों को नहीं दी कोई मदद, पाकिस्तानी सोशल मीडिया कर रहा दुष्प्रचार

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। हाल ही में पाकिस्तानी प्रचार से जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा भारत को लेकर दुष्प्रचार किया गया। इन पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंटस ने एक भ्रामक व फर्जी दावा फैलाया कि गुजरात में स्थित भारतीय वायुसेना के नालिया एयरबेस ने इजरायली लड़ाकू विमानों को ईंधन और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की। इस पूरे मामले पर भारतीय प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक इकाई ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी और निराधार है।
फैक्‍ट चेक: इजरायली लड़ाकू विमानों को नहीं दी कोई मदद, पाकिस्तानी सोशल मीडिया कर रहा दुष्प्रचार

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। हाल ही में पाकिस्तानी प्रचार से जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा भारत को लेकर दुष्प्रचार किया गया। इन पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंटस ने एक भ्रामक व फर्जी दावा फैलाया कि गुजरात में स्थित भारतीय वायुसेना के नालिया एयरबेस ने इजरायली लड़ाकू विमानों को ईंधन और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की। इस पूरे मामले पर भारतीय प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक इकाई ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी और निराधार है।

यह भी कहा गया कि ये इजरायली लड़ाकू विमान ईरान के चाबहार बंदरगाह पर कथित हमले में शामिल थे। इस दावे को तेजी से वायरल कर लोगों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, जांच में यह बात पूरी तरह झूठ पाई गई है। पाकिस्तान प्रचार तंत्र चाहता था कि लोग इस जानकारी को साझा करें, जिससे यह बात तेजी से फैल सके और आम जनता में गलत धारणा बनने लगे।

इस पूरे मामले पर भारतीय प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक इकाई के विस्तृत जांच में यह पाया गया कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं है। भारतीय वायुसेना के किसी भी ठिकाने ने इस प्रकार की कोई सहायता प्रदान नहीं की है। यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और भ्रामक जानकारी है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। इस तरह की अफवाहें केवल लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाई जाती हैं।

प्रेस सूचना ब्यूरो के मुताबिक, यह एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद लोगों को भ्रमित करना और क्षेत्रीय स्तर पर तनाव को बढ़ावा देना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की झूठी खबरें अक्सर रणनीतिक रूप से फैलाई जाती हैं, ताकि देशों के बीच अविश्वास पैदा किया जा सके और राजनीतिक माहौल को अस्थिर किया जा सके। यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करने का भी कुप्रयास है।

गौरतलब है कि भारत की रक्षा और विदेश नीति हमेशा जिम्मेदारी, संतुलन और पारदर्शिता पर आधारित रही है। वहीं भारतीय वायुसेना एक पेशेवर और अनुशासित बल है, जो केवल आधिकारिक निर्देशों और राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही कार्य करता है। इसलिए इस तरह के सभी दावे पूरी तरह से असत्य और भ्रामक हैं और इन पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच अवश्य करें। बिना पुष्टि के खबरों को आगे बढ़ाना दुष्प्रचार को बढ़ावा देता है और समाज में भ्रम तथा तनाव पैदा करता है।

जागरूक नागरिक ही ऐसी अफवाहों को रोक सकते हैं। सरकार के मुताबिक यदि किसी को सरकार से जुड़ी कोई भ्रामक या झूठी जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करना चाहिए। इसके लिए व्हाट्सएप नंबर 8799711259 और पीआईबी का ईमेल उपलब्ध हैं। जागरूकता और सतर्कता ही इसका सबसे प्रभावी समाधान है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएसएच

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