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एग्जिट पोल: केरल में यूडीएफ तो तमिलनाडु में डीएमके की जीत के संकेत, मिलेंगी इतनी सीटें

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण भारत के राज्य केरल में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के लिए टुडेज चाणक्य का एग्जिट पोल सामने आया है। एग्जिट पोल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को 69 से 78 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं, भाजपा गठबंधन को 7 से 11 सीटें मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को 64 से 71 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। यूडीएफ और एलडीएफ में जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है।
एग्जिट पोल: केरल में यूडीएफ तो तमिलनाडु में डीएमके की जीत के संकेत, मिलेंगी इतनी सीटें

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण भारत के राज्य केरल में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के लिए टुडेज चाणक्य का एग्जिट पोल सामने आया है। एग्जिट पोल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को 69 से 78 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं, भाजपा गठबंधन को 7 से 11 सीटें मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को 64 से 71 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। यूडीएफ और एलडीएफ में जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है।

अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल में यूडीएफ को 40 से 43 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही एलडीएफ 38 से 41 प्रतिशत मत हासिल कर सकता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 20 से 23 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य को 2 से 3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।

शाइनिंग इंडिया के सर्वे के अनुसार, केरल चुनाव में यूडीएफ को 140 सीटों में से लगभग 83 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एलडीएफ को 54 और एनडीए को 3 सीटें मिलने की उम्मीद है। वहीं, 21 सीटों पर नजदीकी मुकाबले के आसार हैं।

शाइनिंग इंडिया सर्वे के मुताबिक, यूडीएफ को 43.6 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि एलडीएफ को 38.2 प्रतिशत और एनडीए को 13.5 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है। वहीं, 1.3 प्रतिशत वोट अन्य के खाते में जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही 3.4 प्रतिशत वोटों को साइलेंट बताया गया है।

बता दें कि केरल की 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था। मतदाताओं ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था, जिसके चलते मतदान प्रतिशत 78.27 दर्ज किया गया था। यह 1977 के बाद से अब तक का दूसरा बंपर मतदान माना जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, केरल के चुनावी इतिहास में 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में 79.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

वहीं, तमिलनाडु की बात करें तो टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की वापसी के संकेत दे रहे हैं। एग्जिट पोल में डीएमके को 125 से 136 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) को 45 से 56 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। इसके साथ अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके को 63 से 74 सीटें मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही अन्य के खाते में एक से दो सीटें जा सकती हैं।

एग्जिट पोल में डीएमके गठबंधन को 39 से 42 प्रतिशत वोट मिलने की बात कही गई है। वहीं, एआईएडीएमके को 27 से 30 प्रतिशत और टीवीके को 30 से 33 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य को 4 से 7 प्रतिशत मत मिल सकते हैं।

बता दें कि तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 118 सीटों की जरूरत होगी। इस चुनाव में कुल 4,023 उम्मीदवार मैदान में उतरे। मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ डीएमके के सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस और एआईएडीएमके गठबंधन के बीच रहा। अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने भी इस बार सभी सीटों पर चुनाव लड़कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

तमिलनाडु में इस बार कुल 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता थे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। कुल मतदान 84.69 प्रतिशत दर्ज किया गया। वोटिंग प्रतिशत के लिहाज से यह तमिलनाडु के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा मतदान माना जा रहा है।

चुनाव में पुरुषों का मतदान 83.57 प्रतिशत, महिलाओं का 85.76 प्रतिशत और थर्ड जेंडर मतदाताओं का मतदान 60.49 प्रतिशत दर्ज किया गया।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि एग्जिट पोल के आंकड़े अंतिम परिणाम नहीं हैं। असली तस्वीर 4 मई को मतगणना पूरी होने के बाद साफ होगी। उसी दिन तय होगा कि केरल और तमिलनाडु में किसकी सरकार बनेगी।

--आईएएनएस

एमएस/डीकेपी

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