ईवीएम पर रोना रोने वाली कांग्रेस अब बैलेट पर क्या कहेगी? एक भी सीट नहीं जीती : रामचंद्र राव
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हाल ही में हुए एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद एनडीए नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष द्वारा ईवीएम को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि बैलेट पेपर से हुए इन चुनावों ने विपक्ष के दावों की पोल खोल दी है।
हैदराबाद से भाजपा नेता रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जो अब तक ईवीएम को लेकर रोना रो रही थी, वह अब क्या कहेगी?
राव ने कहा, "हाल ही में हुए चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था लेकिन कांग्रेस पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। कांग्रेस कर्नाटक, बिहार और उत्तर प्रदेश हर जगह हार गई है। ऐसे में कांग्रेस का यह दावा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, अब किस आधार पर टिकता है?"
उन्होंने सवाल उठाया कि बैलेट पेपर के मामले में कांग्रेस के पास क्या जवाब है? क्या वे अब बैलेट पेपर को भी हटाना चाहते हैं? रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस लोगों के सामने जो तर्क रख रही थी, उसकी असलियत अब सबके सामने आ गई है। ईवीएम को लेकर उनका दावा पूरी तरह से झूठा है और 'वोट चोरी' जैसी बातें भी बेबुनियाद हैं। इसलिए अब कांग्रेस को कम से कम अपना मुंह बंद रखना चाहिए और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
वहीं, दिल्ली में बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा, "विपक्ष आरोप लगाता था कि अगर बैलेट से चुनाव होगा तो विपक्ष जीत जाएगा। बिहार में तो ऐसा हुआ नहीं, कहीं भी ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला। यह चुनाव साबित करता है कि विपक्ष का जो आरोप है, वह निराधार और गलत है। यह साबित हो गया है कि जनता जिसके साथ है, वही चुनाव जीतेगा।"
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्ष की प्रस्तावित रैली को लेकर भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि अब तो विपक्ष को अपनी रैली स्थगित कर देनी चाहिए। एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद विपक्ष को यह रैली नहीं करनी चाहिए। विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं और उनके पास कोई मुद्दा ही नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए काम कर रही है, एनएच से लेकर स्टेट हाईवे तक विकास कार्य हो रहे हैं और रोजगार दिए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। उन्हें अपनी प्रस्तावित रैली स्थगित कर चुनाव परिणामों की समीक्षा करनी चाहिए।
--आईएएनएस
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