Samachar Nama
×

यूरोप को अधिकार वो कर सकता है अमेरिकी प्रस्ताव अस्वीकार: फ्रांस

पेरिस, 9 जनवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका ऐसे प्रस्ताव दे रहा है जो स्वीकार नहीं किए जा सकते, तो यूरोप को अधिकार है कि वह उनके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करे और उन्हें 'न' कह दे।
यूरोप को अधिकार वो कर सकता है अमेरिकी प्रस्ताव अस्वीकार: फ्रांस

पेरिस, 9 जनवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका ऐसे प्रस्ताव दे रहा है जो स्वीकार नहीं किए जा सकते, तो यूरोप को अधिकार है कि वह उनके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करे और उन्हें 'न' कह दे।

जीन-नोएल बैरोट की यह टिप्पणी वाशिंगटन के कुछ सहयोगियों के बीच इस बात को लेकर बढ़ती निराशा के बीच आई है कि कैसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" विदेश और व्यापार नीतियों ने पारंपरिक रिश्तों और गठबंधनों को खत्म कर दिया है।

फ्रांस के राजदूतों को दिए अपने सालाना भाषण में जीन-नोएल बैरोट ने कहा, "कुछ ही महीनों में, नए अमेरिकी प्रशासन ने उन रिश्तों पर फिर से सोचने का फैसला किया है जो हमें बांधते हैं। यह उनका अधिकार है। और यह हमारा भी अधिकार है कि हम किसी ऐतिहासिक सहयोगी को, चाहे वह कितना भी ऐतिहासिक क्यों न हो, अगर हमें उसका प्रस्ताव मंजूर न हो तो उसे न कह दें।"

ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर रवैया यूरोपीय देशों को आगामी पॉलिसी को लेकर विचार करने को मजबूर कर रहा है। ये बड़ा द्वीप खनिज से भरपूर डेनिश इलाका है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसकी जरूरत है।

बैरोट ने इस सम्मेलन में यूएस को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बराबर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यूरोप पर बाहर से "दुश्मन" हमला कर रहे हैं जो पुराने रिश्तों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "वे एक बार फिर हमारे बीच के मतभेद का फायदा उठाने का सपना देखते हैं, जैसा कि वे सदियों से करते आ रहे हैं। वे पहले से ही धमकियों और दबाव के जरिए हमारे यूनियन की ताकत को परखना शुरू कर रहे हैं, जैसा कि हमारे पूर्वी हिस्से पर इलाके में घुसपैठ, ट्रेड ब्लैकमेल और ग्रीनलैंड पर दावों से पता चलता है, जो बिकाऊ नहीं है।"

बैरोट जर्मनी के प्रेसिडेंट फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर के दो दिन बाद बोल रहे थे, जिन्होंने बहुत ही तल्ख अंदाज में "हमारे सबसे जरूरी पार्टनर, यूएसए द्वारा मूल्यों के टूटने" की बात कही थी और कहा था कि दुनिया "लुटेरों का अड्डा बन सकती है, जहां सबसे बेईमान लोग जो चाहें ले सकते हैं।"

फ्रांस में 18 महीने से भी कम समय में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में बैरोट ने "उन राजनीतिक ताकतों" का साथ देने की कोशिशों की आलोचना की जो यूरोपियन विरासत से मुंह मोड़ना चाहती हैं।

--आईएएनएस

केआर/

Share this story

Tags