Samachar Nama
×

मार्च में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 8 महीनों के उच्चतम स्तर पर; एसआईपी ने बनाया रिकॉर्ड

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा शुक्रवार को जारी मासिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च में एक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 40,450.26 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश (इनफ्लो) दर्ज हुआ, जो जुलाई 2025 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। फरवरी में यह आंकड़ा 25,977.81 करोड़ रुपए था।
मार्च में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 8 महीनों के उच्चतम स्तर पर; एसआईपी ने बनाया रिकॉर्ड

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा शुक्रवार को जारी मासिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च में एक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 40,450.26 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश (इनफ्लो) दर्ज हुआ, जो जुलाई 2025 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। फरवरी में यह आंकड़ा 25,977.81 करोड़ रुपए था।

वहीं, पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग से 2.39 लाख करोड़ रुपए की निकासी हुई, जबकि फरवरी में 94,530 करोड़ रुपए का निवेश आया था।

इस बीच, सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश ने नया रिकॉर्ड बनाया। मार्च में एसआईपी का योगदान बढ़कर 32,087 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो फरवरी के 29,845 करोड़ रुपए से ज्यादा है। यह रिटेल निवेशकों की लगातार भागीदारी को दिखाता है।

हालांकि, पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में मार्च के दौरान 2.39 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी देखी गई, जबकि फरवरी में इसमें 94,530 करोड़ रुपए का निवेश आया था। इसका मुख्य कारण डेट फंड्स से भारी पैसे का निकलना रहा।

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निवेश में यह तेजी एसआईपी के जरिए लगातार निवेश, साल के अंत में पोर्टफोलियो एडजस्टमेंट और हाल की बाजार गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देखने के कारण आई है।

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण बाजार में आई अस्थिरता ने लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अच्छे एंट्री पॉइंट दिए, जिससे कई निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स के जरिए इक्विटी में निवेश बढ़ाया।

इक्विटी कैटेगरी में सभी सेगमेंट्स में निवेश बढ़ा। इसमें फ्लेक्सी-कैप फंड्स सबसे आगे रहे, जिनमें मार्च में 10,054.12 करोड़ रुपए का निवेश आया, जबकि फरवरी में यह 6,924.65 करोड़ रुपए था।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में भी निवेश बढ़ा। मिड-कैप में 6,063.53 करोड़ रुपए और स्मॉल-कैप में 6,263.56 करोड़ रुपए का इनफ्लो आया, जो फरवरी के क्रमशः 4,002.99 करोड़ और 3,881.06 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

इसके अलावा, लार्ज-कैप फंड्स में 2,997.84 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में 2,698.82 करोड़ रुपए का स्थिर निवेश देखा गया।

इसके उलट, डेट म्यूचुअल फंड्स में मार्च में 2.94 लाख करोड़ रुपए की भारी निकासी हुई, जबकि फरवरी में इनमें 42,106.31 करोड़ रुपए का निवेश आया था। ओवरनाइट और लिक्विड फंड्स इस निकासी के मुख्य कारण रहे।

हाइब्रिड स्कीम्स में भी 16,538.47 करोड़ रुपए की निकासी दर्ज की गई, जबकि आर्बिट्रेज फंड्स से 21,113.70 करोड़ रुपए की निकासी हुई।

इसके अलावा, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेश घटकर 2,266 करोड़ रुपए रह गया, जो फरवरी के 5,254.95 करोड़ रुपए का लगभग आधा है।

हालांकि, नए फंड ऑफर (एनएफओ) के जरिए मार्च में 24 लॉन्च के माध्यम से 3,985 करोड़ रुपए जुटाए गए, जबकि फरवरी में 21 स्कीम्स के जरिए 4,979 करोड़ रुपए जुटाए गए थे।

--आईएएनएस

डीबीपी

Share this story

Tags