इंजीनियर युवराज मेहता प्रकरण: एमजेड विजटाउन बिल्डर के निदेशक अभय कुमार की जमानत याचिका खारिज, रिमांड बढ़ी
नोएडा, 2 फरवरी (आईएएनएस)। नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है।
एमजेड विजटाउन बिल्डर कंपनी के निदेशक अभय कुमार की रिमांड बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मामला 16 जनवरी की रात का है, जब 27 वर्षीय युवराज मेहता अपनी कार से घर लौट रहे थे। नोएडा सेक्टर-150 के पास एक निर्माणाधीन प्लॉट में खोदा गया गहरा गड्ढा पानी से भरा हुआ था। घने कोहरे के कारण कार उसमें गिर गई और युवराज की दर्दनाक मौत हो गई। युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने नॉलेज पार्क पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें निर्माण कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया गया।
पुलिस ने एमजेड विजटाउन प्लानर्स के निदेशक अभय कुमार को मुख्य आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया। साथ ही लोटस ग्रीन बिल्डर कंपनी से जुड़े कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हुई।
अभय कुमार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अभय कुमार की ओर से जमानत की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने इसे ठुकरा दिया। न्यायाधीश ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी।
पुलिस और जांच टीम अब भी सक्रिय है। घटनास्थल पर फोरेंसिक जांच, तकनीकी सबूत जुटाए जा रहे हैं। एसआईटी ने नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों से भी पूछताछ की है। निर्माण साइट पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की जांच भी चल रही है। इस घटना ने इलाके में काफी आक्रोश पैदा किया था, जिसके बाद कई स्तर पर कार्रवाई हुई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक और कार्रवाई जारी रहेगी।
--आईएएनएस
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