2029 लोकसभा चुनाव से पहले युवाओं तक पहुंचेगा चुनाव आयोग, फुटेज में देंखे 50 हजार इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब बनाने की तैयारी
2029 के लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने जेन अल्फा और जेन-जी तक अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग का फोकस युवाओं को चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने और उन्हें भविष्य के जिम्मेदार मतदाता के तौर पर तैयार करने पर है। इसके साथ ही ऐसे युवाओं की पहचान करने की भी योजना है, जो आगे चलकर चुनावी जागरूकता अभियानों की अगुआई कर सकें।
चुनाव आयोग के नए अभियान के तहत देशभर की विधानसभा सीटों में स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों को चुनावी साक्षरता कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इस पहल में कक्षा 9 से 12 तक के स्कूली विद्यार्थियों के अलावा कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल होंगे। आयोग का मानना है कि युवाओं को कम उम्र से ही चुनावी प्रक्रिया, मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था की जानकारी देने से भविष्य में जागरूक मतदाताओं की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
हर विधानसभा सीट पर बनाए जाएंगे 10 क्लब
आयोग करीब 50 हजार इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) बनाने की योजना पर काम कर रहा है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, देश की 4,123 विधानसभा सीटों में प्रत्येक सीट पर करीब 10 चुनावी साक्षरता क्लब बनाए जाएंगे। इन क्लबों के जरिए छात्रों को चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी जाएगी।इन क्लबों को युवाओं के लिए जागरूकता और संवाद के मंच के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां छात्रों को मतदाता पंजीकरण, मतदान की प्रक्रिया, चुनाव में मतदाताओं की भूमिका और लोकतंत्र में भागीदारी जैसे विषयों से परिचित कराने पर जोर दिया जाएगा।
15 लाख स्कूलों तक पहुंच बनाने की तैयारी
चुनाव आयोग की योजना बड़े पैमाने पर स्कूलों तक पहुंच बनाने की है। इसके तहत देश के करीब 15 लाख स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों से संपर्क किया जाएगा। आयोग का लक्ष्य स्कूली स्तर पर ही विद्यार्थियों में चुनावी साक्षरता विकसित करना है, ताकि वे आगे चलकर मतदान के अधिकार और जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से समझ सकें।इसके अलावा आयोग उच्च शिक्षा संस्थानों को भी इस अभियान से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। योजना के तहत करीब 70 हजार कॉलेजों और 1,400 यूनिवर्सिटी तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
भविष्य के जागरूकता अभियानों के लिए तैयार होंगे युवा
चुनाव आयोग की इस पहल का एक अहम उद्देश्य ऐसे युवाओं को तैयार करना भी है, जो आने वाले वर्षों में चुनावी जागरूकता अभियानों का नेतृत्व कर सकें। आयोग जेन अल्फा और जेन-जी को केवल भविष्य के मतदाताओं के तौर पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जागरूक भागीदार के रूप में तैयार करना चाहता है।2029 के लोकसभा चुनाव से पहले शुरू की जा रही यह पहल चुनावी साक्षरता को स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में आयोग इन क्लबों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवाओं के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा।

