एक मई से दो दिवसीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की शुरूआत करेंगे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल: हर्ष संघवी
सूरत, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात के सूरत में एक मई से शुरू होने वाले वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की शुरूआत सीएम भूपेंद्र पटेल करेंगे। इस बात की जानकारी उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने दी। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय इस कार्यक्रम की मेजबानी के लिए गुजरात तैयार है। यह गुजरात की क्षेत्रीय ताकतों और असीमित औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच है।
'रीजनल एस्पिरेशन, ग्लोबल एम्बिशन' के मंत्र के साथ सूरत में आयोजित होने वाली 'वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस' की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस मेगा इवेंट की पूर्व संध्या पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आयोजन स्थल का जायजा लिया और दक्षिण गुजरात के प्रमुख उद्यमियों के साथ बैठक की।
मीडिया से बातचीत के दौरान हर्ष संघवी ने बताया कि दो दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल करेंगे। आयोजन के दौरान 18 से अधिक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपतियों से 'वन टू वन' मुलाकात करेंगे। इस दौरान गुजरात सरकार के 10 से अधिक विभागों के उच्च अधिकारी सूरत में ही मौजूद रहेंगे, ताकि दक्षिण गुजरात के व्यापारियों और औद्योगिक संगठनों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा सके।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण गुजरात को इस समिट से अभूतपूर्व लाभ होगा। कल बड़े पैमाने पर नए एमओयू होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि इस रीजनल समिट के लिए 5 देश पार्टनर कंट्री के तौर पर जुड़े हैं। कई देशों के राजदूत सूरत पहुंच चुके हैं और शहर के विकास कार्यों का अवलोकन कर रहे हैं। शाम को विदेशी प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष बैठक का भी आयोजन है, जिसमें दक्षिण गुजरात की संभावनाओं और विदेशी निवेश पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि मेरा पक्का मानना है कि गुजरात का हर नागरिक इस राज्य का ब्रांड एंबेसडर है। गुजरात का हर उद्योग भी एक ब्रांड एंबेसडर है। कई लोग सालों से गुजरात से जुड़े हुए हैं, उन्होंने यहां अपने कारोबार स्थापित किए हैं, और अपने उद्यमों के साथ-साथ अपनी निजी तरक्की में भी बढ़ोतरी देखी है और उनके साथ जुड़े हजारों लोगों ने भी। यही मेरे असली ब्रांड एंबेसडर हैं। मैं उन सभी लोगों का आभारी हूं जो आने वाले दिनों में गुजरात में नए निवेश और वैश्विक साझेदारियां ला रहे हैं।
फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मिडल ईस्ट में चल रहे युद्ध के माहौल के बीच 1300 करोड़ से अधिक की सब्सिडी सीधे खातों में आना टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए 'बूस्टर डोज' की तरह है। यह अन्य राज्यों में जाने वाले उद्योगों को एक कड़ा संदेश है कि गुजरात में निवेश सुरक्षित और पारदर्शी है।
दक्षिणी गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत और दक्षिण गुजरात के उद्योगपति बहुत उत्साहित हैं, क्योंकि पहले 'वाइब्रेंट गुजरात' एक ही जगह आयोजित होता था, लेकिन अब इसे क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। सूरत में होने वाले इस सम्मेलन के कारण, दक्षिण गुजरात के उद्योगों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उन पर ध्यान दिया जाएगा और सरकार उन्हें सुलझाने का प्रयास करेगी। जो व्यक्तिगत उद्यमी अपना विस्तार करना चाहते हैं, वे भी 'समझौता ज्ञापन' पर हस्ताक्षर करेंगे, इससे उन्हें विकास का एक बेहतर खाका मिलेगा और सरकार भी उन पर अधिक बारीकी से ध्यान केंद्रित कर पाएगी। कुल मिलाकर, यह विकास और निवेश का एक सुनहरा अवसर है।
हरीश जोशी ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात एक बूस्टर है राज्य और देश, दोनों के लिए एक अहम बूस्टर। यह एक ऐसा मॉडल बन गया है जिसे भारत के दूसरे राज्यों ने भी अपनाया है। वाइब्रेंट गुजरात के फ़ायदे नागरिकों और उद्योगपतियों, दोनों को अच्छी तरह पता हैं। क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस के तरीक़े ने उद्योगों और सरकार के बीच के जुड़ाव को मज़बूत किया है, जिससे नीतिगत बदलावों और औद्योगिक मुद्दों को सुलझाने में मदद मिली है। इससे पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास में काफ़ी तेज़ी आएगी। सरकार के सहयोग और गुजरात के लोगों की उद्यमी भावना के साथ, उद्योगों का विस्तार होगा, रोज़गार बढ़ेगा, टैक्स से होने वाली आय में इजाफा होगा और निर्यात में बढ़ोतरी होगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है।
--आईएएनएस
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