CBSE आंसरशीट विवाद पर शिक्षा मंत्रालय सख्त, वीडियो में जाने टेंडर प्रक्रिया की रिपोर्ट तलब; री-इवैल्यूएशन पोर्टल भी रहा ठप
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जुड़े विवादों के बीच शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड की कार्यप्रणाली और टेंडर प्रक्रिया को लेकर जवाब मांगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्रालय ने विशेष रूप से उस ठेके की जानकारी तलब की है जो 5 दिसंबर को Compt EduTech को दिया गया था।बताया जा रहा है कि यह ठेका बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से महज 74 दिन पहले जारी किया गया था। इसी को लेकर पारदर्शिता और प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
दोषी अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय मामले में जिम्मेदारी तय करने और कथित अनियमितताओं की जांच के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश कर सकता है। हालांकि, मंत्रालय या सीबीएसई की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi भी इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) प्रणाली से जुड़े टेंडर में किसी विशेष वेंडर को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
री-इवैल्यूएशन पोर्टल नहीं खुलने से बढ़ी परेशानी
विवाद के बीच सीबीएसई का री-इवैल्यूएशन पोर्टल सोमवार देर शाम तक शुरू नहीं हो सका। इससे परिणामों की समीक्षा और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की प्रतीक्षा कर रहे लाखों छात्र और अभिभावक परेशान रहे। दिनभर बोर्ड की ओर से यही संदेश जारी किया गया कि "पोर्टल जल्द लाइव होगा", लेकिन निर्धारित समय तक सेवा शुरू नहीं हो सकी।
हैकिंग की कोशिशों का दावा
सीबीएसई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पोर्टल पर लगातार "अनऑथराइज्ड इंटरफेरेंस" यानी अनधिकृत दखल और कथित हैकिंग की कोशिशें हो रही हैं। माना जा रहा है कि इसी वजह से तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुईं और पोर्टल को समय पर चालू नहीं किया जा सका। फिलहाल बोर्ड की तकनीकी टीम पोर्टल को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू बनाने में जुटी हुई है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक अपडेट के लिए सीबीएसई की घोषणाओं पर नजर बनाए रखें।

