पंजाब में ED की बड़ी रेड, 9वीं मंजिल से फेंके गए कैश से भरे बैग, ₹500 के नोटों की ‘बारिश’ से मचा हड़कंप
चंडीगढ़/मोहाली: पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान गुरुवार को ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मोहाली के खरड़ इलाके में एक हाईराइज अपार्टमेंट पर ED की रेड के दौरान कथित तौर पर 9वीं मंजिल से नकदी से भरे बैग नीचे फेंके गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर के लिए परिसर में ₹500 के नोट हवा में उड़ते दिखाई दिए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ED की टीम ने मोहाली, चंडीगढ़ और पटियाला में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच कथित जमीन घोटाले, मनी लॉन्ड्रिंग और रियल एस्टेट सेक्टर में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी बताई जा रही है। एजेंसी ने करीब 12 स्थानों पर कार्रवाई की।
Major Breaking
— Bikram Singh Majithia (@bsmajithia) May 7, 2026
👉 Crores of Money, 500 notes flying in Air. Money Belongs to whom--- OSD CM Mann Rajbir' Singh
👉 "Kattar Fraudsters" in ED trap
👉ED raids on CM Bhagwant Mann’s close aide OSD Rajbir' Ghumman's close aides and relatives Nitin, Veer davinder.
👉ED raids Mohali… pic.twitter.com/iZGBa5iixO
यह कार्रवाई मोहाली के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में की गई, जहां आईटी कारोबारी नितिन गोहाल/बजाज से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि जैसे ही ED टीम फ्लैट तक पहुंची, वहां मौजूद लोगों ने कथित तौर पर नकदी से भरे बैग नीचे फेंक दिए। कुछ लोगों ने नीचे खड़े एक ड्राइवर को बैग लेकर भागने की कोशिश करते भी देखा।
सुबह टहलने निकले लोगों ने सोसाइटी परिसर में ₹500 के नोट बिखरे देखे, जिसके बाद पूरे इलाके में हलचल मच गई। ED अधिकारियों ने तुरंत मौके को घेर लिया और नकदी बरामद कर ली। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब ₹20 लाख से ₹25 लाख तक की राशि जब्त की गई है।
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जांच के घेरे में आए कारोबारी के संबंध पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी लोगों से हैं। हालांकि पंजाब सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की नेताओं के साथ तस्वीर होने से करीबी संबंध साबित नहीं होते। सरकार ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए।
ED की जांच कथित तौर पर GMADA (Greater Mohali Area Development Authority) से जुड़े जमीन उपयोग परिवर्तन (CLU) लाइसेंस घोटाले पर केंद्रित है। जांच एजेंसी को शक है कि कुछ बिल्डरों और कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन कर लाइसेंस हासिल किए और निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए। बाद में सरकारी शुल्क और विकास शुल्क का भुगतान नहीं किया गया।
विपक्ष ने इस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है, जबकि आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया। इससे पहले भी पंजाब में AAP नेताओं और उनसे जुड़े लोगों पर ED की कार्रवाई चर्चा में रही है।
फिलहाल ED ने आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। 9वीं मंजिल से नोटों से भरे बैग फेंकने की घटना ने पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

