ईडी की छापेमारी के खिलाफ टीएमसी का प्रदर्शन 'चोरी और सीना जोरी' जैसा : संजय निरुपम
मुंबई, 9 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़ी पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ टीएमसी ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम को लेकर शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने ममता बनर्जी और टीएमसी पर निशाना साधा।
संजय निरुपम ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह पूरा मामला साफ तौर पर 'चोरी और सीना जोरी' का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ केंद्रीय जांच एजेंसियों को अपना काम करने से रोका जा रहा है, ईडी अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और उनसे फाइलें छीनने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि दूसरी ओर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए।
'लैंड फॉर जॉब' मामले को लेकर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर तीखा हमला बोला है। संजय निरुपम ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर घोटाले के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच चल रही है और अदालत ने इस मामले में आरोप तय कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आरोप तय होने का मतलब है कि कोर्ट ने भी यह माना है कि प्रथम दृष्टया अपराध हुआ है। आने वाले दिनों में अदालत इस पर अंतिम फैसला सुनाएगी।
संजय निरुपम ने कहा कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है, वे यह कहकर बच नहीं सकते कि वे विपक्ष से हैं या किसी विशेष समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई व्यक्ति सत्ता में होता है और किसी संवैधानिक या महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो उसने न केवल कानून तोड़ा बल्कि उस शपथ का भी उल्लंघन किया, जो उसने पद ग्रहण करते समय ली थी। ऐसे लोगों को अपने किए की सजा भुगतनी ही पड़ेगी।
--आईएएनएस
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