बोले- पहले गरीबी हटाओ के नारे थे मोदी, अब जमीन पर हो रहा काम; वीडियो मी जेन 10-12 साल में 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ गए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की कई पीढ़ियों ने गरीबी खत्म करने के वादे और नारे सुने हैं। पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई केवल नारों तक सीमित रहती थी, लेकिन अब इसे खत्म करने के लिए जमीन पर काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 से 12 वर्षों में भारत के 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख किया गया है।पीएम मोदी मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुणे मेट्रो की करीब 21,800 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर रहे थे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने शहरी विकास, आर्थिक प्रगति और गरीबी उन्मूलन को लेकर सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं पर बात रखी।
भारत की आर्थिक विकास दर का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया में भारत की चर्चा दो प्रमुख वजहों से हो रही है। पहली वजह यह है कि वैश्विक स्तर पर मुश्किल हालात बने रहने के बावजूद भारत सबसे तेज आर्थिक विकास करने वाला देश बना हुआ है। दूसरी वजह यह है कि पिछले 10 से 12 वर्षों में देश के 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं।उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में भी इस बदलाव का जिक्र किया गया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, यह देश में गरीबी के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों और विकास कार्यों का परिणाम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गरीबी खत्म करने के लिए केवल घोषणाएं करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए लगातार जमीनी स्तर पर काम करना जरूरी है।
छोटे शहरों को विकास का केंद्र बनाने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि देश के विकास के लिए बड़े शहरों के साथ-साथ सैकड़ों छोटे शहरों को भी विकास के केंद्र के रूप में तैयार करना होगा। छोटे शहरों में बुनियादी सुविधाओं, परिवहन, रोजगार और शहरी ढांचे का विस्तार करना जरूरी है। इससे इन शहरों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि सरकार इसी सोच के साथ शहरी विकास की योजनाओं पर काम कर रही है। छोटे शहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अर्बन चैलेंज फंड के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की मदद
प्रधानमंत्री ने अर्बन चैलेंज फंड का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत इस साल फरवरी में अर्बन चैलेंज फंड को मंजूरी दी गई थी। केंद्र सरकार इस फंड के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की सहायता दे रही है।इस फंड का उद्देश्य शहरों के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को प्रोत्साहन देना है। इसके जरिए छोटे और बड़े शहरों में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा विकास की नई संभावनाएं तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।पुणे मेट्रो परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास की दिशा में शहरों की भूमिका अहम है। आधुनिक परिवहन सुविधाएं और बेहतर शहरी ढांचा न केवल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाते हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति देते हैं।

